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अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता विफल, ट्रंप ने बढ़ाया टैरिफ

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Sun, 12 May 2019 08:41 AM IST
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शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : File Photo

अमेरिका और चीन के बीच दो दिनों तक चली व्यापार वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। वार्ता की विफलता के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शीर्ष अधिकारियों को चीन से आयातित लगभग सभी तरह के माल पर टैरिफ (आयात शुल्क) बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दे दिए।



यह 300 अरब डॉलर के बराबर है और चीन से 200 अरब डॉलर मूल्य के उस आयात से अलग है, जिस पर शुल्क 10 से बढ़ाकर 25 फीसदी किया गया है। वार्ता की विफलता का एक कारण यह भी माना जा रहा है कि ट्रंप ने चर्चा से ठीक पहले 200 अरब डॉलर पर शुल्क बढ़ाते हुए लंबी आर्थिक लड़ाई जारी रखने की बात कही।


अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइथनाइजर और चीनी उप प्रधानमंत्री लियू हे के बीच शुक्रवार देर रात तक चली व्यापार वार्ता के बाद राजस्व मंत्रालय ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति ने चीन से आयात होने वाली उन सभी चीजों पर कर वसूली बढ़ाने का आदेश दिया है जो अब तक इससे बची हुई थीं।


इनका मूल्य करीब 300 अरब डॉलर का है। लाइथनाइजर ने कहा कि सार्वजनिक सूचना और टिप्पणी जल्द ही संघीय रजिस्टर में प्रकाशित होगी। यूएसटीआर (अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि) वेबसाइट पर ब्योरा सोमवार को उपलब्ध होगा। इस कदम से अमेरिका तथा चीन के बीच व्यापार युद्ध और भड़क सकता है।

 

नए कर देश को कमजोर नहीं मजबूत करेंगे

ट्रेड वार्ता की विफलता के बाद ट्रंप ने ट्वीट किया कि यह आयात शुल्क हमारे देश को कमजोर नहीं बल्कि मजबूत ही बनाएगा। बस पीछे बैठकर इसे देखते जाओ। उन्होंने यह भी दोहराया कि चीन को वार्ता के आखिरी समय में दोबारा सौदेबाजी नहीं करनी चाहिए थी। ट्रंप ने कहा कि ये नए टैरिफ कुछ ही सप्ताहों में लागू हो सकते हैं।

वार्ता टूटी नहीं, बीजिंग में जारी रहेगी 

चीन के शीर्ष व्यापार वार्ताकार और उप प्रधानमंत्री लियू हे ने बातचीत के बाद कहा कि अमेरिका के साथ यह व्यापार वार्ता बीजिंग में जारी रहेगी, लेकिन चेताया कि महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। लियू ने कहा, वार्ता टूटी नहीं है बल्कि दोनों देशों के बीच बातचीत का यह सिर्फ एक सामान्य मोड़ है। दोनों पक्ष चीन में आगामी वार्ता के लिए सहमत हैं लेकिन फिलहाल तारीख तय नहीं है।




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