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Shashi Tharoor: थरूर ने अमेरिका में 9/11 स्मारक पर दी श्रद्धांजलि, कहा- आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हो दुनिया

Sun, 25 May 2025 04:49 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क

सार

Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश देने के लिए  9/11 स्मारक पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि हम दुनिया को यह समझाना चाहते हैं कि आतंकवाद के खिलाफ एक साथ खड़ा होना कितना जरूरी है। हम यह संदेश देना चाहते हैं कि अगर यह दोबारा हुआ तो हम चुप नहीं बैठेंगे।
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शशि थरूर के साथ प्रतिनिधिमंडल के अन्य लोग - फोटो : X/@ShashiTharoor
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विस्तार
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आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 9/11 स्मारक और संग्रहालय का दौरा किया। अपने पहले गंतव्य गुयाना के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी।  

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स्मारक पर श्रद्धांजलि देने  थरूर ने मीडिया से बातचीत में कहा, यह आतंकवाद के खिलाफ दुनियाभर के लोगों की एकजुटता की याद दिलाता है। यह दुखद रूप से हमें याद दिलाता है कि भारत भी इसी तरह की पीड़ा से गुजरा है। हम यहां एकजुटता की भावना के साथ आए हैं। 
 

थरूर ने आगे कहा, हम पांच देशों का दौरा करेंगे और फिर यात्रा के अंत में वापस अमेरिका आएंगे। हम दुनिया को यह समझाना चाहते हैं कि आतंकवाद के खिलाफ एक साथ खड़ा होना कितना जरूरी है। हम यह संदेश देना चाहते हैं कि अगर यह दोबारा हुआ तो हम चुप नहीं बैठेंगे। यह उदास रहने का समय नहीं है, बल्कि आपसी ताकत और एकजुटता का समय है। 
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भारतीय-अमेरिकी समुदाय बहुत अहम
न्यूयॉर्क में  भारत के वाणिज्य दूतावास में बातचीत के दौरान थरूर ने कहा, भारतीय-अमेरिकियों की राय और समर्थन हमारे लिए बहुत अहम है। इसलिए हम प्रतिनिधिमंडल के साथ आए और उनसे बातचीत के लिए समय निकाला। यह हमारे देश के लिए जरूरी है। 

थरूर ने कहा, हम 9/11 स्मारक पर श्रद्धांजलि देने इसलिए गए ताकि यह संदेश दें कि अमेरिका ने भी आतंकवाद झेला है। उनका भी भारत की तरह अनुभव है। हमें एकजुटता दिखाने की जरूरत है। दुनिया को दिखाना है कि हम भी आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ हैं और कार्रवाई करेंगे। 

पाकिस्तान से युद्ध नहीं चाहते, लेकिन आतंक बर्दाश्त नहीं
थरूर ने कहा, हम पाकिस्तान से युद्ध नहीं चाहते। हम तो चाहते हैं कि हमें शांति से अपना विकास करने दिया जाए। लेकिन पाकिस्तान भारतीय क्षेत्रों पर नजर रखता है और अगर उसे सीधे नहीं मिल पाता तो आतंकवाद के जरिए हासिल करना चाहता है, जो हमें मंजूर नहीं। 

उन्होंने कहा, जनवरी 2015 में पठानकोट एयरबेस पर हमला हुआ और हमारे प्रधानमंत्री ने एक माह पहले ही पाकिस्तान का दौरा किया था। उन्होंने पाकिस्तान के पीएम से कहा, आइए मिलकर जांच करते हैं। पाकिस्तानी जांचकर्ता आए और बाद में बोले कि यह हमला भारत ने ही खुद पर किया! यह पाकिस्तान के सुधरने काआखिरी मौका था, जो उसने खो दिया। 

थरूर ने कहा, अब हमने तय कर लिया है कि एक नई नीति अपनाएंगे। हमने सब कुछ आजमा लिया – अंतरराष्ट्रीय डोजियर, शिकायतें… लेकिन पाकिस्तान हर बार इनकार करता रहा। अब हमने ऑपरेशन सिंदूर में दिखा दिया कि हम सटीक और असरदार जवाब देने में सक्षम हैं। थरूर ने कहा, मैं सरकार में नहीं हूं, विपक्ष से हूं। मैंने खुद सोशल मीडिया पर लिखा था कि अब वक्त आ गया है कि हम 'स्मार्ट तरीके से सख्त प्रहार करें'। भारत ने वैसा ही किया। 9 चिन्हित आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला किया गया। 

कांग्रेस नेात ने कहा, पहलगाम हमले के एक घंटे के भीतर 'द रेसिस्टेंस फ्रंट' नाम के समूह ने जिम्मेदारी ली। यह संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही हिस्सा है, जिसे अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने आतंकी संगठन घोषित कर रखा है। भारत ने 2023-24 में ही इसकी जानकारी संयुक्त राष्ट्र में जानकारी दी थी, लेकिन पाकिस्तान हमेशा की तरह इनकार करता रहा।

उन्होंने कहा, आतंकी हमलों के दोषियों को सजा मिलनी ही चाहिए। पहलगाम हमले के गुनहगारों की तलाश हम रोकने वाले नहीं हैं। लेकिन हमें यह भी सोचना होगा कि ये लोग कहां छिपे हैं, कहां उन्हें पनाह, ट्रेनिंग, हथियार और पैसा मिल रहा है और कौन उन्हें ऐसी हैवानियत के लिए उकसा रहा है। 
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