चीन की अपनी यात्रा से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि दक्षिण एशिया में स्थायी शांति के लिए यह जरूरी है कि क्षेत्र में एक रणनीतिक संतुलन बनाए रखा जाए और सभी मुद्दों जैसे सीमा विवाद और कश्मीर मुद्दे को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से और अंतरराष्ट्रीय कानून के मानदंडों के अनुसार हल किया जाना चाहिए। चीन के सरकारी ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित एक लेख में इमरान खान ने दक्षिण एशिया में शांति बनाए रखने की कुंजी के रूप में सीमा विवादों के अलावा कश्मीर मुद्दे के समाधान का जिक्र किया।
इमरान ने कश्मीर विवाद का किया जिक्र
उन्होंने लिखा, यह हमारा साझा दृष्टिकोण है कि दक्षिण एशिया में स्थायी शांति इस क्षेत्र में एक रणनीतिक संतुलन बनाए रखने पर निर्भर है और सभी अनसुलझे मामले जैसे सीमा से जुड़े मुद्दों और कश्मीर विवाद को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कानून के मानदंडों के अनुसार हल किया जाना चाहिए। कश्मीर मुद्दे और सीमा पार आतंकवाद को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों में खटास के बीच इमरान ने ये लेख लिखा है।
उइगर मुसलमानों के मुद्दे पर चीन को दी क्लीन चिट
प्रधानमंत्री खान ने 4 फरवरी को बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में भाग लेने के लिए चीन की यात्रा से पहले शिनजियांग में उइगर मुसलमानों के खिलाफ मानवाधिकारों के आरोपों पर चीन को क्लीन चिट दी, जिसे अमेरिका और सहयोगियों द्वारा राजनयिक बहिष्कार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि झिंजियांग प्रांत की यात्रा के बाद उनके देश के राजदूत ने कहा कि आरोप सही नहीं थे।
पश्चिमी देशों में चीन द्वारा उइगरों के साथ किए जा रहे बर्ताव की काफी आलोचना हो रही है। लेकिन हमारे राजदूत वहां गए और उन्होंने जानकारी भेजी कि यह जमीनी सच्चाई नहीं है। पीएम खान ने शनिवार को अपनी बीजिंग यात्रा से पहले इस्लामाबाद में एक साक्षात्कार में चीनी पत्रकारों से यह बात कही। शिनजियांग के अशांत क्षेत्र पर चीन को क्लीन चिट देते हुए इमरान खान ने हालांकि, जम्मू और कश्मीर में कथित मानवाधिकारों के उल्लंघन पर पश्चिमी देशों की चुनिंदा चुप्पी को जिम्मेदार ठहराया।
जुलाई 2021 में चीनी पत्रकारों के साथ पिछले साक्षात्कार के दौरान इमरान खान ने उइगर मुसलमानों के दमन के आरोपों पर पाकिस्तान की चुप्पी की आलोचना को टाल दिया था। पाकिस्तान के दैनिक डॉन के अनुसार, इमरान खान ने कहा था कि चीन के साथ अत्यधिक निकटता और रिश्ते के कारण उइगरों को लेकर पाकिस्तान ने बीजिंग की दलील को स्वीकार कर लिया था।
जिनपिंग से इन मुद्दों पर होगी बात
उद्घाटन समारोह में भाग लेने के अलावा इमरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अन्य अधिकारियों के साथ सभी तरह के संबंधों की स्थिति, 60 बिलियन अमेरिकी डॉलर के चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के सामने आने वाली समस्याओं पर चर्चा करने के लिए महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इसके अलावा पाकिस्तान की गिरती अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए चीनी ऋण और निवेश पर भी बात होगी।