आधुकिन सभ्यता के एलियन को लेकर वैज्ञानिकों ने एक हैरान करने वाला खुलासा किया है। ताइवान के त्सिंग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपने एक अध्ययन के अनुसार संभावना है कि एलियन बलैक होल से ऊर्जा ग्रहण करते हैं। वैज्ञानिकों ने डायसोन स्फेयर नाम की तकनीक का जिक्र किया है जो एक काल्पिनक मेगा स्ट्रकचर है जो तारों को घेरकर उसमें से ऊर्जा खींचता है।
वैज्ञानिकों ने अपने शोध पत्र में कहा है कि एलियन को सूर्य की तुलना में अधिक शक्तिशाली ऊर्जा स्रोत्र की आवश्यक्ता पड़ती है। यूनिवर्सिटी के खगोलशास्त्री टाइगर यू-यांग का कहना है कि उनकी टीम इस शोध में आगे काम कर रही है। जल्द ही पता चल जाएगा कि एलियन अपनी ऊर्जा से जुड़ी आवश्कता को कहां से पूरी करते हैं।
हर मानदंड पर कर रहे काम
वैज्ञानिकों का एक दल ये भी देख रहा है कि डायसोन स्फेयर को ब्लैक होल के चारों तरफ बनाया जाता है तो कया होगा। क्या ये काम करेगा और पृथ्वी से इसकी निगरानी की जा सकेगी। मालूम हो कि ब्लैक होल शक्तिशाली गुरुतवाकषर्ण के लिए जाना जाता है जो अपने भीतर आने वाली हर चीज को सोख लेता है और वापस नहीं निकलने देता है।
इस दिशा में अब आगे क्या
शोध में शामिल कोलंबिया यूनिवर्सिटी की एस्ट्रो फिजिसिस्ट लुका कॉमिसो का कहना है कि आगे हम ये देखना चाहते हैं कि ब्लैक होल से कितनी दूर तक ऊर्जा ग्रहण की जा सकती है।
उम्मीद है कि इस शोध से अंतरिक्ष में मौजूद एक नई सभ्यता का पता चलेगा। हमारी पूरी टीम इस दिशा में काम कर रही है जिससे दुनिया के इस सबसे रहस्यमयी पल का पता चल सके।
जल्द उठ जाएगा रहस्य से पर्दा
वैज्ञानिकों का तर्क है कि ब्लैक होल अपने आसपास की सभी चीजों को अपने भीतर समाहित कर लेता है। ऐसे में संभावना है कि ये ऊर्जा भी इस होल में समा जाती हो जिसका लाभ एलियन लेते हों। निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए वैज्ञानिक कई तथ्यों की जांच पड़ताल में लगे हैं जिससे पूरी हकीकत पता चलेगी। इस वैज्ञानिक रहस्य से पर्दा जल्द उठ जाएगा।
करोड़ों सूर्य के बराबर रोशनी
खगोल वैज्ञानिकों का कहना है कि ब्लैक होल से दस करोड़ सूर्य से निकलने वाली रोशनी मिल सकती है। संभावना है कि विशालकाय टाइप 2 सभ्यता यहीं से ऊर्जा ग्रहण करती हो। वैज्ञानिकों को पूरी आस है कि उस दौर में ब्लैक होल ऊर्जा के स्रोत्र का मुख्य साधन होगा। हालांकि अभी सबकुछ भविष्य के गर्भ में है।