अल्जीरिया की राजधानी में एक अदालत ने भीड़ द्वारा एक चित्रकार जमील बेन इस्माइल की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में 49 दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। बचाव पक्ष के वकील के मुताबिक, मृतक पर जंगल में भीषण आग लगाने का संदेह था जबकि वास्तव में वह आग बुझाने के प्रयासों में मदद के लिए आगे आया था। बता दें, अल्जीरिया में दशकों से मृत्युदंड पर रोक है इसलिए सभी दोषी सजा-ए-मौत के बजाय आजीवन कारावास की सजा काट सकते हैं।
पूर्वोत्तर अल्जीरिया के कबीलाई क्षेत्र में पिछले साल हुए इस हत्याकांड ने देश को झकझोर कर रख दिया था। यह घटना ऐसे समय में हुई थी, जब पहाड़ी क्षेत्र वाले बरबर प्रांत के जंगल में लगी भीषण आग के कारण 90 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में वे सैनिक भी शामिल थे जो आग बुझाने के अभियान में जुटे थे। चित्रकार जमील बेन इस्माइल की हत्या में 100 से अधिक संदिग्ध शामिल थे, जिनमें से अधिकतर को उनकी हत्या में भूमिका का दोषी पाया गया। बचाव पक्ष के वकील हकीम साहेब ने बताया कि अदालत ने 38 अन्य दोषियों को 2-12 साल की सजा सुनाई गई है।