उत्तरी अल्बानिया में एक बंजर पहाड़ी पर देश के साम्यवादी अतीत में झांकने का एक प्रवेश द्वार है। एक विशाल स्टील का दरवाजा चिंचियाती सी आवाज करता खुलता है तो पहाड़ के गर्भ में छिपा वायुसेना का एक पूर्व बेस दिखाई देता है।
यह सैन्य बेस 600 मीटर (1,980 फीट) गहरे सुरंग में बना है, जो कभी सैनिकों के जीवन का हिस्सा था। यह गुप्त गजदर एयर बेस अब कम्युनिस्ट युग के दर्जनों मिग जेट विमान का एक डिपो है जहां इन विमानों पर अब धूल जम रही है।
साम्यवाद को छोड़ने के तीन दशक बाद भी अल्बानियाई अधिकारी अभी तक सोवियत और चीन निर्मित इन विमानों को बेचने की कोशिश कर रहे हैं। नजदीक के एक हवाई अड्डे में दर्जनों ऐसे और विमान खड़े हैं।
सेना के चीफ ऑफ डिफेंस बर्धिल कोल्लाकु कहते हैं, "हमारे उपकरणों और हथियारों को नाटो के मानकों पर तैयार करना" अल्बानिया के "नए अध्याय" का एक हिस्सा है, जो कि 2009 में इस गठबंधन में शामिल हुआ था।
उन्होंने एएफपी को बताया, जहां तक मिग विमानों की बात है, "यादों को संजोए रखने के लिए हम उनमें से कुछ को अपने संग्रहालय में रखेंगे... बाकी को हम घरेलू कानून के मुताबिक बेचने या अन्य इस्तेमाल पर विचार करेंगे।"
कम्युनिस्ट-युग के इन जेट विमानों, जिसमें मिग-19, मिग-17 और मिग-21 मॉडल शामिल हैं, का इस्तेमाल एक दशक से ज्यादा समय से नहीं किया जा रहा है।
लेकिन संग्रहालयों, संग्रहकर्ताओं और विमान के विशेषज्ञ इन अवशेषों को खरीदने में पहले ही अपनी दिलचस्पी दिखा चुके हैं।
जब अल्बानिया ने पहली बार 2016 में इन मिग विमानों को बेचने की बात की, तो फ्रांस के एयर एंड स्पेस म्यूजियम ने इसे खरीदने की गुजारिश की। साथ ही जर्मनी में विमान उड़ाने का प्रशिक्षण देनेवाले एक स्कूल से भी इसके लिए अनुरोध आया।
लेकिन अभी तक इसकी बिक्री नहीं हो सकी है क्योंकि कानूनी कागजी प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है।
इन विमानों को खरीदने के लिए व्यक्तिगत लोगों के आवेदन भी प्रतीक्षा सूची में हैं। ऐसे लोगों में अल्बानिया के फ्रांसीसी व्यवसायी जूलियन रोशे भी शामिल हैं, जो अपने बगीचे की शोभा बढ़ाने के लिए इस विमान को खरीदने की योजना बना रहे हैं।
उन्होंने एएफपी से कहा, "इस तरह के विमान को हासिल करना अब इतना आसान नहीं है, क्योंकि ऐसे ज्यादातर जहाज नष्ट हो चुके हैं, वे अब किसी के पास नहीं हैं जैसा कि अल्बानिया में उन्हें सहेज कर रखा गया है।"
उन्होंने विमान के सबसे पुराने मॉडलों में से एक को खरीदने के लिए आवेदन किया है। यह चीन द्वारा निर्मित मिग-15 है जिसकी कीमत लगभग 10,000 यूरो ( 11,000 डॉलर) है। इसका इस्तेमाल उत्तर कोरिया करता था, जिसे बाद में उसने अल्बानिया को उपहार में दे दिया था।