अलकायदा के सहायक और अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकी गिरोह एक्यूआईएस की नजरें भारत पर हैं। संयुक्त राष्ट्र ने अपनी ताजा रिपोर्ट में चेताते हुए बताया, एक्यूआईएस ने मार्च 2020 में अपनी पत्रिका का नाम ‘नवा-ए-अफगान जिहाद’ से ‘नवा-ए-गजवा-ए-हिंद’ कर दिया। इससे आतंकी गुट के भारत में गतिविधियां बढ़ाने का संकेत मिलता है।
यूएन में भारत का दावा लश्कर-जैश तालिबान की तरह कट्टरपंथी
मुंबई हमले के गुनहगार हाफिज सईद के नेतृत्व वाले लश्कर-ए-तैयबा और मसूर अजहर के जैश-ए-मोहम्मद जैसे कई पाकिस्तानी आतंकी गुटों ने अफगानिस्तान में ठिकाना बना लिया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने तालिबान प्रतिबंध समिति के अध्यक्ष के तौर पर सुरक्षा परिषद के सदस्यों के संज्ञान में लाने के लिए संयुक्त राष्ट्र के विश्लेषणात्मक सहायता और प्रतिबंध निगरानी दल की 13वीं रिपोर्ट परिषद में पेश की।
रिपोर्ट में बताया गया है कि लश्कर व जैश तालिबान की तरह ही कट्टरपंथी इस्लाम के देवबंदी धड़े से आते हैं। जैश-ए-मोहम्मद व लश्कर के नंगरहार में आठ प्रशिक्षण शिविर हैं, जिनमें से तीन पर तालिबान का सीधा नियंत्रण है।