अध्ययन के दौरान मैक्स प्लांक इंस्टीट्यूट फॉर केमेस्ट्री के प्रो. जोस लेलीवेल्ड के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने वायु प्रदूषण और उम्र प्रत्याशा के बीच संबंध का विश्लेषण किया। कंप्यूटर मॉडल की मदद से उन्होंने बताया कि पूरी दुनिया में लोगों की उम्र प्रत्याशा में दो साल 10 महीने की कमी आई है।
यह पूरी दुनिया में होने वाली मौतों के किसी भी दूसरे कारण से ज्यादा है। धूम्रपान लोगों की उम्र प्रत्याशा में 2.2 साल और एचआईवी/एड्स 0.7 साल की कमी लाता है। मलेरिया जैसी बीमारियों के चलते लोगों की औसत उम्र 0.6 साल और युद्ध सहित अन्य हिंसक घटनाओं में होने वाली मौतों के चलते 0.3 साल की कमी होती है।
पूरी दुनिया में मौतों का सबसे बड़ा कारण
नई मॉडलिंग तकनीक के जरिये शोधकर्ताओं ने बताया है कि साल 2015 में पूरी दुनिया में वायु प्रदूषण के चलते 88 लाख लोगों को कम उम्र में जान गंवानी पड़ी। तंबाकू के सेवन से दुनिया भर में सालाना 72 लाख मौतें होती हैं। वहीं, एड्स के चलते 10 लाख, मलेरिया के कारण छह लाख और हिंसक घटनाओं में हर साल 5.3 लाख लोगों की जान विश्व में जाती है।
कहां कितनी कम हुई उम्र प्रत्याशा