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Plane Crash: क्या पायलटों पर दोष मढ़कर बोइंग को बचा रही ट्रंप सरकार? रिपोर्ट में कहा- सुरक्षित हैं फ्यूल स्विच

Mon, 14 Jul 2025 01:20 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अमेरिका के संघीय उड्डयन प्रशासन (एफएए) ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि बोइंग के 787 मॉडल विमानों में ईंधन स्विच लॉकिंग की कोई समस्या नहीं है। हालांकि एफएए ने साल 2018 में खुद बोइंग के विभिन्न मॉडल्स में ईंधन स्विच की जांच की सिफारिश की थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिकी सरकार बोइंग को बचाने की कोशिश तो नहीं कर रही...?
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एअर इंडिया विमान हादसे पर सवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमेरिका के संघीय उड्डयन प्रशासन और बोइंग कंपनी ने एक अधिसूचना जारी कर कहा है कि बोइंग विमानों के ईंधन स्विच लॉक पूरी तरह से सुरक्षित हैं। दरअसल एअर इंडिया की प्रारंभिक रिपोर्ट में अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में बोइंग के विमान में ईंधन स्विच को लेकर सवाल उठाए गए थे। रिपोर्ट में आशंका जताई गई कि हादसे की वजह ईंधन स्विच का बंद होना हो सकता है। अब अमेरिकी सरकार द्वारा इस दावे को नकारने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या ट्रंप सरकार, पायलटों पर पूरा दोष मढ़कर बोइंग कंपनी को बचाने की कोशिश तो नहीं कर रही है?
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एफएए ने बोइंग में तकनीकी खराबी की आशंका को किया खारिज
नागरिक उड्डयन प्राधिकरणों को भेजी गई संघीय उड्डयन प्रशासन (एफएए) की अधिसूचना में कहा गया है, 'ईंधन नियंत्रण स्विच के डिज़ाइन में लॉकिंग विशेषता शामिल है और ये विभिन्न बोइंग विमान मॉडलों में एक जैसा है। एफएए इसे असुरक्षित नहीं मानता और इसके लिए बोइंग के 787 विमान सहित किसी भी अन्य मॉडल के विमान के लिए एयरवर्थनेस डायरेक्टिव लागू करने की जरूरत नहीं है।' एयरवर्थनेस डायरेक्टिव (AD) एक कानूनी रूप से लागू होने वाला दस्तावेज है जो विमानन प्राधिकरणों द्वारा विमान, इंजन, प्रोपेलर या अन्य हिस्से में पाई जाने वाली किसी भी असुरक्षित स्थितियों को ठीक करने के लिए जारी किया जाता है। ये दिशा-निर्देश विमानों के लगातार सुरक्षित संचालन के लिए अहम होते हैं। 

ईंधन स्विच बंद होने की वजह से हादसा होने की आशंका
एअर इंडिया विमान के ब्लैक बॉक्स की जांच में पता चला कि उड़ान के अंतिम क्षणों में, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर से पता चला कि एक पायलट को दूसरे से यह पूछा कि उसने ईंधन स्विच को बंद क्यों किया? इस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया। जांच में पता चला कि उड़ान भरने के तुरंत बाद ईंधन स्विच कटऑफ में बदल गए थे, जिससे विमान के इंजनों में ईंधन की आपूर्ति रुक गई। जब तक पायलट ईंधन स्विच को फिर से चालू करते तब तक शायद बहुत देर हो गई। रिपोर्ट के बाद बोइंग के विमानों को ईंधन स्विच को लेकर सवाल उठे और आशंका जताई गई कि तकनीकी खराबी की वजह से ईंधन स्विच बंद हुए। हालांकि अब एफएए ने इस आशंका को खारिज कर दिया। 
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ये भी पढ़ें- AAIB Report: 'बोइंग 787-8 विमान में यांत्रिक या रखरखाव संबंधी समस्या नहीं पाई गई', एअर इंडिया के CEO का बयान

AAIB ने अपनी जांच में एफएए के 2018 में जारी दिशा-निर्देशों का उल्लेख किया
भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अहमदाबाद विमान हादसे को लेकर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में साल 2018 में अमेरिका के संघीय उड्डयन प्रशासन (एफएए) द्वारा जारी दिशा निर्देशों का जिक्र किया, जिसमें 787 सहित बोइंग कंपनी के विभिन्न मॉडल विमानों में ईंधन स्विच की लॉकिंग की जांच करने की सिफारिश की गई थी। हालांकि ये सिफारिश अनिवार्य नहीं थी। जांच में बताया गया कि एअर इंडिया का जो विमान हादसे का शिकार हुआ, उसमें ईंधन स्विच लॉकिंग की जांच नहीं की गई थी क्योंकि एफएए के दिशा-निर्देश अनिवार्य नहीं थे। 
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भारतीय पायलट्स एसोसिएशन ने पायलट्स की गलती की आशंका को खारिज किया
इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एअरलाइन पायलट्स एसोसिएशन में भारतीय पायलटों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था एएलपीए इंडिया ने एक बयान जारी कर एअर इंडिया विमान हादसे में पायलटों की गलती होने की आशंका को खारिज कर दिया और इस मामले में निष्पक्ष और तथ्य आधारित जांच की मांग की। एएलपीए ने ये भी मांग की कि पायलटों को जांच में बतौर पर्यवेक्षक शामिल किया जाना चाहिए। 

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