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US: न्यूयॉर्क की कोर्ट में आया अजीबोगरीब मामला, दलील देने के लिए याचिकाकर्ता ने वकील की जगह पेश किया एआई अवतार

Sat, 05 Apr 2025 02:19 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क।

सार

US: न्यूयॉर्क की एक अदालत में एक शख्स ने अपनी दलील पेश करने के लिए एआई से बने अवतार का उपयोग किया। हालांकि, जज तुरंत इस बात को समझ गए कि वह असली इंसान नहीं है। कोर्ट नाराज हुआ और व्यक्ति को खुद बहस करने को कहा गया। मामला अभी लंबित है।
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कोर्ट में एआई का उपयोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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न्यूयॉर्क की अपील कोर्ट में हाल ही में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया। दरअसल, न्यूयॉर्क स्टेट सुप्रीम कोर्ट की अपील बेंच में 26 मार्च को एक केस की सुनवाई हो रही थी। यह नौकरी से जुड़ा मामला था, जिमसें याचिकाकर्ता जेरोम डेवाल्ड को अपनी दलील पेश करनी थी। लेकिन जब वीडियो स्क्रीन पर उनका वकील दिखाई दिया, तो जज कुछ ही सेकंड में समझ गए कि कुछ गड़बड़ है। जजों को समझ में आ गया कि जो व्यक्ति वीडियो स्क्रीन पर मामले की दलील पेश कर रहा है, उसके पास न तो कानून की डिग्री है और न ही वास्तव में उसका कोई अस्तित्व है। 

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जज सैली मंजानेट डेनियल्स ने जैसे वीडियो स्क्रील चालू करवाई, उसमें एक युवा और मुस्कुराता हुआ व्यक्ति दिखाई दिया। उसके बाल सलीके से बने हुए थे और बटनदार शर्ट और स्वेटर पहने हुआ था। वीडियो स्क्रीन पर यह व्यक्ति कहते हुए नजर आया- 'माननीय कोर्ट कोर्ट को मेरा नमस्कार, मैं एक साधारण व्यक्ति हूं जो अपनी पैरवी खुद कर रहा हूं।' तभी जज ने बीच में टोकते हुए पूछा- 'क्या यह मामले का वकील है?' जवाब में डेवाल्ड ने कहा, 'इसे मैंने खुद बनाया है। यह वास्तव में इंसान नहीं है।' 

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याचिकाकर्ता डेवाल्ड ने क्यों बनाया एआई अवतार
असल में वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से बनाया हुआ अवतार था। यह सुनकर जज नाराज हुईं और कहा, 'आपको पहले ही बताना चाहिए था कि ये असली व्यक्ति नहीं है। मैं गुमराह करने वालों को पसंद नहीं करती हूं।' इसके बाद वीडियो बंद करा दिया गया और डेवाल्ड को खुद बहस करने की अनुमति दी गई। बाद में डेवाल्ड ने माफी मांगते हुए कहा कि उनका कोई गलत इरादा नहीं था। उनके पास वकील नहीं था और हकलाने और रुक-रुककर बोलने की आदत की वजह से उन्होंने ऐसा किया, ताकि कोर्ट में दलील ठीक से रख सकें। डेवाल्ड ने एक तकनीकी कंपनी का उपयोग कर यह अवतार बनाया। लेकिन समय की कमी के कारण वह खुद की हुबहू डिजिटल कॉपी नहीं बना पाए। कोर्ट इस पर बेहद नाराज हुआ। 
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कोर्ट में एआई का उपयोग पहले भी बन चुका विवाद
यह पहली बार नहीं है जब कोर्ट में एआई का उपयोग विवाद की वजह बना हो। जून 2023 में न्यूयॉर्क के दो वकीलों और एक लॉ फर्म पर इसलिए पांच हजार डॉलर का जुर्माना लगा था, क्योंकि उन्होंने एआई टूल से कानूनी रिसर्च की औ उसमें फर्जी मामलों का हवाला दे दिया। यहां तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वकील माइकल कोहेन की टीम भी फर्जी मामलों का हवाला देने के चलते चर्चा में आई थीं। हालांकि, एरिजोना सुप्रीम कोर्ट अब एआई अवतार डेनियल और विक्टोरिया का उपयोग कोर्ट के फैसलों को जनता तक आसान भाषा में पहुंचाने के लिए कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक सामान्य घटना है, क्योंकि तकनीक तेजी से अब कोर्ट में प्रवेश कर रही है लेकिन जब तक इसके उपयोग के लिए स्पष्ट नियम नहीं बनते, ऐसी घटनाएं और विवाद सामने आते रहेंगे। फिलहाल डेवाल्ड का मामला अभी भी कोर्ट में लंबित है। 

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