अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे को एक साल बीत गया है। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी। इस हादसे में केवल विश्वास कुमार रमेश ही जीवित बचे थे। विश्वास आज भी उस हादसे के सदमे, शारीरिक दर्द और आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहे हैं।
अहमदाबाद से लंदन जा रहे एअर इंडिया के विमान हादसे को एक साल पूरा हो गया है। 12 जून 2025 को हुई इस भयानक त्रासदी में केवल एक यात्री, विश्वास कुमार रमेश ही जीवित बचे थे। आज इस हादसे के एक साल बीत जाने के बाद भी विश्वास उस डरावनी घटना की यादों से बाहर नहीं निकल पाए हैं। वे आज भी ठीक से सो नहीं पाते और हर वक्त घबराहट महसूस करते हैं।
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यह हादसा तब हुआ था जब बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान ने गुजरात के अहमदाबाद से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के महज 32 सेकंड बाद ही विमान एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल और कैंटीन की इमारत पर जा गिरा। इस भीषण दुर्घटना में कुल 260 लोगों की जान चली गई थी। इनमें विमान में सवार 241 यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल थे, जबकि 19 लोग जमीन पर मौजूद थे जिनकी मौत मलबे की चपेट में आने से हुई।
हादसे के तुरंत बाद विश्वास की एक तस्वीर पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी थी। उस तस्वीर में वे खून से सनी टी-शर्ट पहने और हाथ में मोबाइल फोन लिए मलबे से दूर पैदल चलते दिख रहे थे। 39 साल के विश्वास अब ब्रिटेन के लीसेस्टर में अपने परिवार के साथ रहते हैं। इस हादसे में उन्होंने अपने भाई अजय को हमेशा के लिए खो दिया था। विश्वास का कहना है कि इस घटना ने उन्हें पूरी तरह बदल दिया है।
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विश्वास बताते हैं कि लोग उन्हें जीवित देखकर खुश होते हैं, लेकिन उनके भीतर का संघर्ष कोई नहीं देख पाता। वे शारीरिक और मानसिक परेशानी के साथ-साथ आर्थिक तंगी से भी जूझ रहे हैं। वे अपने परिवार का सहारा बनने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यादें उनका पीछा नहीं छोड़तीं।
विश्वास की मदद के लिए ब्रिटेन की एक कानूनी संस्था 'हडजेल सॉलिसिटर्स' काम कर रही है। यह संस्था उनके मुआवजे और अन्य दावों को लेकर एअर इंडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत कर रही है। एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा है कि कंपनी हादसे से प्रभावित हर व्यक्ति की पूरी संवेदनशीलता के साथ मदद करने के लिए तैयार है।
लीसेस्टर के एक सामाजिक नेता संजीव पटेल ने बताया कि विश्वास गहरे सदमे में हैं। वे बिना किसी सहारे के घर से बाहर निकलने में भी डरते हैं। उनके मन पर लगे ये घाव शायद कभी नहीं भर पाएंगे। इस बीच, हादसे की आधिकारिक जांच जारी है। ब्रिटेन की एक्सीडेंट्स इन्वेस्टिगेशन ब्रांच, इस मामले में भारतीय जांचकर्ताओं की मदद कर रही है। जांच टीम ने हादसे का शिकार हुए सभी लोगों के प्रति अपनी संवेदना जताई है।