विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की दो दिवसीय मालदीव यात्रा के दूसरे दिन सोमवार को दोनों देशों के बीच तीन समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इसके तहत दोनों देशों के बीच राजनयिक और आधिकारिक पासपोर्ट धारकों को वीजा से छूट देने पर सहमति बनी। वहीं द्वीपीय देश में स्थानीय निकायों को भारत से आर्थिक मदद के जरिए सामुदायिक विकास परियोजनाओं का निर्माण और इसके अलावा ऊर्जा क्षमता व नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता हुआ।
वहीं दोनों देशों ने पिछले कुछ वर्षों में व्यापार में बढ़ोतरी का स्वागत करते हुए वस्तुओं व सेवाओं, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी मेलभाव बढ़ाने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी में सुधार के लिए सहमति जताई। सुषमा स्वराज और उनके मालदीवियाई समकक्ष अब्दुल्ला शाहिद इस दौरान निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने और 2019 में मालदीव-भारत व्यापार मंच को बनाए रखने की आवश्यकता पर भी सहमत हुए।
विदेश मंत्रियों ने बहुपक्षीय मंचों सहित पेरिस समझौते के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के लिए वैश्विक प्रतिक्रिया को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। शाहिद ने सीमा पार से आतंकवाद, चोरी, मादक पदार्थों और मानव तस्करी जैसे अपराधों से निपटने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए मालदीव की प्रतिबद्धता व्यक्त की। मालदीव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की उम्मीदवारी के लिए अपना समर्थन दोहराया।
इंडिया फर्स्ट पॉलिसी पर प्रतिबद्ध
मालदीव ने कहा कि वह भारत के साथ मिलकर काम करने को तत्पर है और पड़ोसी राष्ट्र की सुरक्षा व रणनीतिक चिंताओं के प्रति हमेशा संवेदनशील रहेगा। मालदीव ने इंडिया फर्स्ट पॉलिसी को दोहराते हुए यह बात कही।
शीर्ष नेताओं से मिलीं सुषमा
सुषमा स्वराज ने इस दौरान राष्ट्रपति स्वालेह, विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद, गृह मंत्री इमरान अब्दुल्ला, पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नाशीद और अन्य शीर्ष नेताओं से भी मुलाकात की।