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Polymer: 'प्लास्टिक पॉलीमर उत्पादन विनियमन के खिलाफ'; प्लास्टिक प्रदूषण पर नकेल के लिए संधि की असफलता पर भारत

Mon, 02 Dec 2024 03:13 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बुसान

सार

बैठक में भारत ने प्लास्टिक को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए समयसीमा रखने का भी विरोध किया। इसके बजाय भारत ने विकासशील देशों की मदद के लिए प्रौद्योगिकी और वित्तीय सहायता की आवश्यकता पर जोर दिया।
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प्लास्टिक कचरा (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Istock
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विस्तार
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दक्षिण कोरिया के बुसान में प्लास्टिक पॉलिमर के उत्पादन को नियंत्रित करने के लिए हुई वैश्विक बैठक में भारत ने अपना पक्ष रखा। भारत ने रविवार को कहा कि वह प्लास्टिक पॉलिमर के उत्पादन को नियंत्रित करने के किसी भी कदम का समर्थन नहीं करता है क्योंकि इससे देशों के विकास के अधिकार पर असर पड़ सकता है। बता दें कि भारत का बयान ऐसे समय पर आया जब प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए एक कानूनी संधि पर चर्चा करने के लिए हुई वैश्विक बैठक बिना किसी समझौते के खत्म हो गई।
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भारत के वार्ताकार गंगवार का बयान
भारत ने बैठक के दौरान कहा कि कई देशों के सुझावों को मसौदे में शामिल नहीं किया गया है। बैठक के अध्यक्ष से यह आश्वासन मांगा कि भविष्य में देशों को अपने विचार शामिल करने का मौका मिलेगा। मामले में भारत के प्रमुख वार्ताकार नरेश पाल गंगवार ने कहा कि संधि का उद्देश्य केवल प्लास्टिक प्रदूषण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और इसे अन्य अंतरराष्ट्रीय समझौतों से मिलाना नहीं चाहिए।

भारत पॉलिमर के उत्पादन पर नियंत्रण के विरोध में
भारत के प्रमुख वार्ताकार गंगवार ने इस बैठक में यह भी कहा कि भारत प्लास्टिक पॉलिमर के उत्पादन को नियंत्रित करने के किसी भी उपाय का समर्थन नहीं करता, क्योंकि इससे देशों के विकास अधिकारों पर गहरा असर पड़ सकता है। बता दें कि बैठक में भारत ने संधि के मसौदे में कुछ अनुच्छेदों के व्यापार पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर भी चिंता जताई और उनकी सावधानीपूर्वक समीक्षा की आवश्यकता की बात की।
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भारत ने वित्तीय सहायता की आवश्यकता पर दिया जोर 
बैठक में भारत ने प्लास्टिक को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए समयसीमा रखने का भी विरोध किया। इसके बजाय भारत ने विकासशील देशों की मदद के लिए प्रौद्योगिकी और वित्तीय सहायता की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही भारत ने इन देशों को अनुपालन की लागतें कवर करने में मदद देने के लिए एक विशेष बहुपक्षीय कोष बनाने का सुझाव भी दिया।

175 देश संधि पर सहमति के लिए रहे असफल
दक्षिण कोरिया में हुई बैठक में 175 देशों के प्रतिनिधि प्लास्टिक उत्पादन और वित्त पर रोक लगाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने में विफल रहे। यह अंतर सरकारी वार्ता समिति (आईएनसी) की पांचवी बैठक थी, जो 2022 से प्लास्टिक प्रदूषण पर एक कानूनी संधि तैयार करने का काम कर रही है। बता दें कि इस वार्ता का समापन बिना किसी समझौते के हुआ क्योंकि देशों के बीच प्लास्टिक उत्पादन और वित्त जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई। अगले साल फिर से वार्ता जारी रखने पर सहमति बनी है।

सप्ताह भर चली वार्ता
गौरतलब है कि ये वार्ता सप्ताह भर चली, जिसमें प्लास्टिक उत्पादन और हानिकारक रसायनों पर रोक लगाने की मांग करने वाले और केवल प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने वाले देशों के बीच गहरे मतभेद दिखाई दिए। सभी देशों के प्रतिनिधियों ने प्रमुख मुद्दों पर मतभेदों को पाटने के लिए शनिवार को बंद कमरे में चर्चा की, लेकिन रविवार को जारी किए गए मसौदे ने अधिकांश चिंताओं को अनसुलझा छोड़ दिया। अब सभी देश वार्ता जारी रखने के लिए अगले साल फिर से मिलने पर सहमत हुए हैं। 
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