भारत-ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर।
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वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के वाणिज्य व उद्योग मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स, पीएम मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। समझौते के बाद भारत में कपड़ा, चमड़ा, जूते, खेल के सामान, खिलौने, समुद्री समान, रत्न, आभूषण, इंजीनियरिंग के सामान, ऑटो पार्ट्स और ऑर्गेनिक रसायन से जुड़े क्षेत्रों को जोरदार फायदा होगा। दोनों देश अगले पांच साल में द्विपक्षीय कारोबार करीब-करीब दोगुना होकर 120 अरब तक पहुंचाने की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, ब्रिटेन को इस सौदे से भारत में किए जाने वाले 90 फीसदी निर्यात पर शून्य कर देना होगा। हालांकि तत्काल सिर्फ 64 फीसदी निर्यात ही शून्य टैरिफ के दायरे में आएगा और शेष को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा।
ब्रिटेन का खाद्य और पेय क्षेत्र पर यह समझौता तत्काल लागू हो जाएगा। ब्रिटेन से भारत को होने वाले 90 फीसदी निर्यात में मुख्य हिस्सा स्कॉच व्हिस्की का है जिसपर भी 150 फीसदी कर लगता है। नए समझौते के बाद इसपर कर तत्काल 75 फीसदी रह जाएगा और अगले दस वर्षों में यह और घटकर सिर्फ 40 फीसदी होगा।
इस समझौते में आईटी/आईटीईएस, वित्तीय और व्यावसायिक सेवाओं (वास्तुकला और इंजीनियरिंग सहित) के साथ-साथ शैक्षिक सेवाओं से संबंधित प्रतिबद्धताएं भी शामिल हैं। यह भारतीय पेशेवरों के लिए आवागमन को आसान बनाएगा और अस्थायी भारतीय कर्मचारियों और उनके नियोक्ताओं को यूके में सामाजिक सुरक्षा अंशदान से तीन साल की छूट प्रदान करेगा। एफटीए के बाद सामाजिक सुरक्षा अंशदान का भुगतान दोनों देशों के बजाय भारत में किया जाएगा।