अमेरिका द्वारा वहां काम कर रहे चीन के पांच सरकारी मीडिया से जुड़े पत्रकारों पर प्रतिबंध लगाने के बाद चीन ने भी जवाबी कार्रवाई करके दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव बढ़ा दिया है। चीन ने तीन अमेरिकी समाचार पत्रों के सभी पत्रकारों का मीडिया क्रेडेंशियल रद्द करने का फैसला किया है। इन अमेरिकी अखबारों में न्यूयॉर्क टाइम्स, वॉल स्ट्रीट जर्नल और वाशिंगटन पोस्ट शामिल हैं।
चीन ने बुधवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि तीनों अखबारों में काम करने वाले ऐसे अमेरिकी नागरिक जिनके क्रेडेंशियल साल के अंत तक खत्म हो रहे हैं वे 10 दिनों के भीतर अपने प्रेस कार्ड सरेंडर कर दें। बीजिंग ने कहा, निष्कासित पत्रकारों को चीन, हांगकांग और मकाऊ की धरती पर काम करने के लिए अनुमति नहीं होगी। दोनों देशों के बीच टिट-टू-टेट (जैसे को तैसा) श्रंखला के तहत यह कार्रवाई की गई है।
बता दें कि अमेरिका ने मार्च की शुरुआत में चीनी सरकारी मीडिया के 160 में से सिर्फ 100 कर्मचारियों के वीजा ही मंजूर किए थे। चीन ने कहा है कि अमेरिका इससे पहले भी ट्रेड वॉर और कोरोनावायरस को लेकर चीन के साथ टकरावपूर्ण रवैया अपनाता रहा है। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने पत्रकारों के निष्कासन की निंदा करते हुए कहा कि चीन में मीडिया की आजादी पर यह कड़ा प्रहार है।