इस्राइल ने अपने महान जासूस एली कोहेन से जुड़ी 2,500 से ज्यादा चीजें सीरिया से गुप्त ऑपरेशन में वापस मंगवाईं। इसमें उनके जरूरी दस्तावेज, तस्वीरें, झूठे पासपोर्ट और जासूसी मिशनों से जुड़ी यादें शामिल थी, जिसके बाद रविवार को इस्राइली पीएम नेतन्याहू ने एली कोहेन की पत्नी नादिया कोहेन से मुलाकत की और एली कोहेन की अहम चिजें उन्हें सौंपी।
इस्राइल के चर्चित जासूस एली कोहेन से जुड़ी लगभग 2500 चिजों को इस्राइल ने सीरिया से एक गुप्त अभियान के तहत वापस मंगवाई हैं। महान जासूस एली कोहेन को सीरिया में फांसी दिए जाने के 60 साल पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनकी पत्नी नादिया कोहेन से मुलाकात की। इस मौके पर नेतन्याहू ने उन्हें एली कोहेन के दस्तावेज और निजी सामान सौंपे। बता दें कि कोहेन को 18 मई 1965 को सीरिया की राजधानी दमिश्क में फांसी दी गई थी।
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कोहने की चिजों में क्या-क्या है?
कोहेन की वापसी लाई गईं करीब 2,500 चीजों में दस्तावेज, ऑडियो रिकॉर्डिंग्स, फोटोज, एली कोहेन की हैंडराइटिंग में लिखे पत्र, उनके झूठे पासपोर्ट और पहचान पत्र, उनके दमिश्क वाले घर की चाबियां, और मोसाद द्वारा दी गई मिशनों की जानकारी शामिल है। ये सभी चीजें सीरियाई खुफिया एजेंसी के पास पिछले 60 वर्षों से सुरक्षित रखी हुई थीं।
कोहेन की जासूसी पर बोले नेतन्याहू
इस्राइल पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एली कोहेन की जासूस और इस्राइल-सीरिया के बीच युद्ध अहम योगदना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एली कोहेन इस्राइल के सबसे महान जासूस थे। उनके जैसा कोई नहीं था। उन्होंने बताया कि ये चीजें वापस लाने के लिए मोसाद और इस्राइली सरकार ने मिलकर एक खास अभियान चलाया।
'कोहेन हमारे राष्ट्रीय नायक'
नेतन्याहू ने आगे कहा कि एली कोहेन हमारे राष्ट्रीय नायक हैं। वो हमारे साहस और संकल्प का प्रतीक हैं। हम अपने लापता नागरिकों और बंधकों को वापस लाने के लिए लगातार कोशिश करते रहेंगे। इसके साथ ही कोहेन की याद में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी स्मृति हमारे दिलों में अमर है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।
कोहेन की पत्नी ने की शव वापस लाने की मांग
इस्राइल के प्रधानमंत्री जब जासूस कोहेन की चिजें दिखाने के लिए उनकी पत्नी के पास पहुंचे, तो उनकी पत्नी नादिया कोहेन ने एली कोहेन के शव की वापसी की मांग की। नादिया ने नेतन्याहू से कहा कि सबसे जरूरी बात एली कोहेन का शव वापस लाना है। हालांकि नेतन्याहू ने भरोसा दिलाया कि इस्राइल इसके लिए लगातार प्रयास कर रहा है। बता दें कि पिछले हफ्ते ही इस्राइल ने एक अन्य सैनिक का शव सीरिया से वापस मंगवाया था, जो 1982 से लापता था।
सीरिया में कोहेन की जासूसी का इतिहास
गौरतलब है कि एली कोहेन ने 1960 के दशक की शुरुआत में इस्राइल के दुश्मन सीरिया की राजनीतिक और सैन्य व्यवस्था में गहरी पैठ बना ली थी। वे वहां के रक्षा मंत्री के सलाहकार तक बन गए थे। 1965 में उन्हें इस्राइल को रेडियो से जानकारी भेजते हुए पकड़ा गया और फिर दमिश्क के एक चौराहे पर फांसी दे दी गई। ध्यान रहे कि कोहेन जासूसी ने इस्राइल को 1967 के युद्ध में बड़ी जीत दिलाने में मदद की। इस मिशन को मोसाद की सबसे बड़ी सफलता माना जाता है।