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'आतंकी संगठनों के खिलाफ झुकने को अपने इतिहास का पाठ्यक्रम न बनने दें', अफगान उपराष्ट्रपति का पाकिस्तान पर तंज

Thu, 19 Aug 2021 02:47 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल

सार

खुद को अफगानिस्तान का कार्यकारी राष्ट्रपति घोषित करने वाले अमरुल्लाह सालेह ने हाल ही में पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि अगर वह तालिबान को समर्थन देना जारी रखता है तो उसे बड़ी कीमत चुकानी होगी।
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अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने पाकिस्तान पर उसके मंसूबों को लेकर कसा तंज। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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अफगानिस्तान के काबुल में तालिबान के कब्जे के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर भाग निकले। इस बीच जहां दुनियाभर में अफगान की आगामी सरकार को लेकर संशय है, वहीं उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने दावा किया है कि एक राष्ट्रपति की गैरमौजूदगी में अब वे ही वैध कार्यवाहक राष्ट्रपति हैं। अफगानिस्तान में फैली अफरा-तफरी के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराने वाले सालेह ने गुरुवार को अपने एक ट्वीट के जरिए फिर पड़ोसी देश पर तंज कसा। सालेह ने कहा कि पाकिस्तान को अपने इतिहास में शर्मसार होने और आतंकी संगठनों के सामने झुकने से जुड़े पाठों को इतिहास की किताबों में जाने से बचाना चाहिए। 

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अमेरिकी अफसर के ट्वीट पर आया सालेह का तंज: दरअसल, अमेरिका के एक पूर्व अफसर माइकल जॉन्स ने और राजनीतिक विश्लेषक ने अफगानिस्तान के मौजूदा हालात और नेतृत्व को लेकर ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि अफगानिस्तान का संविधान, जिसे 2004 में लागू किया गया, उसमें उन परिस्थितियों में भी सत्ता चलाने का जिक्र किया गया था, जैसी स्थितियां अभी हैं। ऐसे मामलों में प्रथम उपराष्ट्रपति जो कि फिलहाल अमरुल्लाह सालेह हैं, वो राष्ट्रपति का पद संभालेंगे। जॉन्स ने ट्वीट में लिखा था, "देशों को कानून के राज का सम्मान करना चाहिए, न कि हिंसा का।"

इसी ट्वीट पर अमरुल्लाह सालेह ने कहा, "राष्ट्रों को कानून के राज का सम्मान करना चाहिए, हिंसा का नहीं। पाकिस्तान के निगलने और तालिबान के राज करने के लिए अफगानिस्तान बहुत बड़ा है।" इसके बाद उन्होंने पाक सरकार पर तंज कसते हुए कहा, "पाकिस्तान को अपने इतिहास में शर्मसार होने और आतंकी संगठनों के सामने झुकने से जुड़े पाठों के इतिहास की किताबों में जाने से बचाना चाहिए।"
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पाकिस्तान पर पहले भी निशाना साध चुके हैं सालेह: बता दें कि अमरुल्लाह सालेह अफगानिस्तान में हिंसा और तालिबान का समर्थन करने के लिए पाकिस्तान को पहले भी कई बार लताड़ लगा चुके हैं। उन्होंने कुछ समय पहले ही पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि अगर वह आतंकी संगठन तालिबान को समर्थन देना जारी रखता है तो उसे बहुत बड़ी कीमत चुकानी होगी। तब सालेह ने शांति वार्ता में पाकिस्तान की सकारात्मक भूमिका पर सवाल उठाए थे और कहा था कि यह आखिरी मौका है जब पाक अफगानिस्तान का विश्वस्त साझेदार बनकर दिखा सकता है।

अमरुल्लाह सालेह से जुड़े ट्विटर अकाउंट सस्पेंड: इस बीच रिपोर्ट्स में सामने आया है कि अमरुल्लाह सालेह से जुड़े कुछ ट्विटर अकाउंट सस्पेंड हुए हैं। इनमें सालेह की पार्टी और उनके कुछ सहयोगियों के अकाउंट शामिल हैं। 

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