अफगानिस्तान में एक बार फिर धरती कांपी है। भूकंप का केंद्र काबुल से 110 किलोमीटर पूर्व और 10 किलोमीटर की गहराई पर था। इससे पहले शुक्रवार सुबह 11:07 बजे भी 4.5 तीव्रता का भूकंप आया था। विशेषज्ञों के अनुसार, सतही (शैलो) भूकंप अधिक खतरनाक होते हैं क्योंकि इनके झटके सीधे सतह पर असर डालते हैं, जिससे भारी नुकसान हो सकता है।
अफगानिस्तान में 5.0 तीव्रता का भूकंप आने के बाद एक बार फिर यहां रहने वाले लोगों में डर का माहौल है। फिलहाल जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि, बीते 24 घंटे से भी कम समय में सातवीं बार लगे भूकंप के झटकों से धऱती एक बार फिर कांप गई। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोमॉजी (NCS) के मुताबिक शुक्रवार रात करीब 10.55 बजे आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.0 मापी गई।
इससे पहले नौ घंटे में पांच बार कांपी धरती
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बीते नौ घंटे में यहा भूकंप के पांच झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि भारतीय समयानुसार शुक्रवार सुबह 7.46 बजे 4.6 तीव्रता का भूकंप आया। इससे कुछ ही घदेर पहले यहां 5.2 तीव्रता के झटके लगे थे। इससे पहले बृहस्पतिवार आधी रात के बाद करीब 3:16 बजे 4.9 तीव्रता का भूकंप आया। इससे पहले रात 11.58 बजे भूकंप के झटकों की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गई। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक काबुल से 118 किलोमीटर दूर भूकंप आया। जमीन से 50 किमी की गहराई में लगे इन झटकों के बाद अफगानिस्तान में दहशत का माहौल है। बता दें कि 4.1 तीव्रता के भूकंप से चंद मिनट पहले भी धरती कांपी थी, जिसकी तीव्रता 5.8 मापी गई। इस तरह 24 घंटे से भी कम समय में चार झटके लगे और पांच घंटे के भीतर तीन बार धरती कांपी।
31 अगस्त की रात आए भूकंप ने मचाई तबाही
अफगानिस्तान के भूकंप प्रभावित कुनार और नंगरहार प्रांतों में बीते 31 अगस्त को आए भूकंप में 2200 से ज्यादा लोग मारे गए, जबकि 3,000 से अधिक लोग घायल हुए। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया था कि भारतीय भूकंप सहायता हवाई मार्ग से काबुल भेजी गई। उन्होंने कहा, 'भारतीय भूकंप सहायता हवाई मार्ग से काबुल पहुंच गई है। कंबल, टेंट, स्वच्छता किट, जल भंडारण टैंक, जनरेटर, रसोई के बर्तन, पोर्टेबल वाटर प्यूरीफायर, स्लीपिंग बैग, आवश्यक दवाइयां, व्हीलचेयर, हैंड सैनिटाइजर, जल शोधन गोलियां, ओआरएस घोल और चिकित्सा उपभोग्य सामग्रियों सहित 21 टन राहत सामग्री आज हवाई मार्ग से पहुंचाई गई।'