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Afghanistan: अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ में 6.3 तीव्रता का भूकंप, कम से कम 20 लोगों की मौत, 300 से अधिक घायल

Mon, 03 Nov 2025 09:05 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल

सार

उत्तरी अफगानिस्तान में रविवार देर रात 6.3 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और 320 अन्य घायल हो गए। खुल्म, समांगन और बगलान प्रांतों में बड़ा नुकसान की खबर है। 
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earthquake भूकंप - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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उत्तरी अफगानिस्तान में रविवार देर रात 6.3 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और 320 अन्य घायल हो गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के खुल्म से 22 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में 28 किमी की गहराई में था। भूकंप स्थानीय समयानुसार रविवार रात करीब एक बजे आया। लोक स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता शराफत जमान ने कहा, मृतक संख्या अभी और बढ़ सकती है।
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जमान के मुताबिक, अस्पतालों में कई घायलों की हालत बेहद गंभीर है। राजधानी काबुल में रक्षा मंत्रालय ने बताया कि बचाव-आपातकालीन सहायता दल भूकंप में सबसे ज्यादा क्षति झेलने वाले बल्ख और समांगन प्रांतों के प्रभावित इलाकों में पहुंच गए हैं। तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता, जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा, खतरनाक जलजले में बल्ख, समांगन और बगलान प्रांतों को बड़ी वित्तीय क्षति हुई है।

अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के मुताबिक, यह भूकंप मजार-ए-शरीफ के पास 28 किलोमीटर गहराई में आया। इस शहर की आबादी लगभग 5.23 लाख है समनगान प्रांत के स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता समीम जॉयंदा ने बताया कि मृतकों और घायलों के आंकड़े सोमवार सुबह तक मिली अस्पताल की रिपोर्ट्स पर आधारित हैं।

यूएसजीएस ने अपनी पेजर प्रणाली के तहत ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि काफी जनहानि की संभावना है और आपदा व्यापक हो सकती है। इस स्तर के अलर्ट आम तौर पर क्षेत्रीय या राष्ट्रीय स्तर की प्रतिक्रिया की मांग करते हैं।
 

 

बल्ख प्रांत के प्रवक्ता हाजी जैद ने बताया कि मजार-ए-शरीफ की प्रसिद्ध नीली मस्जिद (ब्लू मस्जिद) का एक हिस्सा भी भूकंप में क्षतिग्रस्त हुआ है। देश की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने कहा कि हताहतों और नुकसान का विस्तृत ब्यौरा बाद में साझा किया जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए वीडियो में राहतकर्मियों को मलबे में दबे लोगों को निकालते देखा गया। 

अफगानिस्तान में अगस्त में आए भूकंप और उसके बाद के झटकों में हजारों लोगों की जान चली गई थी। भूकंप के लिहाज से देश काफी संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। वर्ष 2015 में आए भूकंप में अफगानिस्तान और उत्तरी पाकिस्तान में सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2023 में आए एक अन्य भूकंप में एक हजार से अधिक लोगों ने जान गंवाई थी।

अफगानिस्तान की आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता यूसुफ हम्माद ने बताया कि ज्यादातर घायलों को मामूली चोटें आईं और शुरुआती इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। राजधानी काबुल में रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि बचाव और आपातकालीन सहायता दल कल रात आए भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित बल्ख और समांगन प्रांतों के प्रभावित इलाकों में पहुंच गए हैं और उन्होंने घायलों को ले जाने और प्रभावित परिवारों की सहायता करने समेत बचाव अभियान शुरू कर दिया है।

तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता, जबीहुल्लाह मुजाहिद ने एक्स प्लेटफ़ॉर्म पर एक पोस्ट में कहा कि भूकंप ने अफ़ग़ानिस्तान के बल्ख, समांगन और बगलान प्रांतों को प्रभावित किया, जिससे हताहत हुए और आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने नुकसान पर दुख व्यक्त किया और कहा कि संबंधित सरकारी संगठन भूकंप से प्रभावित लोगों तक ज़रूरी मदद पहुंचाने में लगे हुए हैं।

मदद : भूकंप प्रभावित लोगों के लिए भारत ने रवाना की राहत सामग्री
भारत ने अफगानिस्तान में भूकंप से प्रभावित परिवारों के लिए खाद्य सामग्री भेजी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत द्वारा भेजी गई मदद की तस्वीरें भी साझा कीं। जायसवाल ने एक्स पर कहा, अफगान लोगों के लिए भारत का समर्थन दोहराया है। मंत्री जयशंकर ने कहा कि दवाओं की और आपूर्ति जल्द पहुंचेगी। 

भारत ने अफगानिस्तान को दान कीं 16 टन से अधिक दवाएं
भारत ने अफगानिस्तान को 16 टन से अधिक वेक्टर जनित रोगों की दवाएं दान में दी हैं। यह सहायता अफगानिस्तान में स्वास्थ्य क्षेत्र का समर्थन करने के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता का हिस्सा है। तालिबान के एक प्रवक्ता ने रविवार को इसकी जानकारी दी।
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यूएन की टीम जरूरतों के आकलन में जुटी
अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र ने कहा, हमारी टीम जमीनी स्तर पर जरूरतों का आकलन कर रही है और तत्काल सहायता पहुंचा रहे हैं। उसने कहा, हम प्रभावित समुदायों के साथ हैं और जरूरी मदद मुहैया कराएंगे। उसने नष्ट हुए ढांचों के लिए अन्य देशों से भी मदद  की अपील की है।

कई पड़ोसी देशों में भी तेज झटके
भूकंप का असर पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान तक महसूस किया गया। भारत के उत्तरी हिस्सों में भी हल्के झटके आए। विशेषज्ञों का कहना है कि अफगानिस्तान भूकंपीय रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए आफ्टरशॉक्स की संभावना बनी हुई है।
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