अफगानिस्तान में आए भीषण भूकंप से 800 से ज़्यादा मौतें हुईं, जबकि 1,000 से अधिक घायल हैं। इस बीच खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा ने घायल अफगानों को बिना वीजा इलाज की इजाजात देने का प्रस्ताव पारित किया। मगर दूसरी ओर, अवैध अफगान शरणार्थियों पर कार्रवाई की तैयारी भी तेज हो गई है।
अफगानिस्तान में एक बार फिर भूकंप के झटकों ने तबाही मचा दी है। 6.3 की तीव्रता से आए इस भूकंप के चलते 800 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 1,000 से ज्यादा घायल हुए हैं। चारो और मौत और सन्नाटा पसरा हुआ है। इसी बीच खैबर पख्तूनख्वा (केपीके) विधानसभा ने सोमवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पास किया, जिसमें अफगानिस्तान में भूकंप से घायल लोगों को इलाज के लिए पाकिस्तान लाने की अनुमति देने की मांग की गई है, भले ही उनके पास वीजा न हो। यह प्रस्ताव स्पीकर बाबर सलीम की अध्यक्षता में पारित हुआ। वहीं दूसरी ओर केपी सरकार ने अवैध अफगान शरणार्थियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
50,000 से ज्यादा मोबाइल सिमकार्ड ब्लॉक
बता दें कि सरकार ने पहले ही एक संयुक्त सब-कमेटी (जेएससी) बनाई है जिसमें पुलिस और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी मिलकर यह तय करेंगे कि किन नागरिकों के पास दस्तावेज नहीं हैं। अब तक 50,000 से ज्यादा मोबाइल सिम कार्ड जो अफगान नागरिकों के नाम पर थे, ब्लॉक किए जा चुके हैं। अवैध रूप से रहने वालों को गिरफ्तारी और जबरन निकाले जाने का सामना करना पड़ेगा।
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