अफगानिस्तान में आए भीषण भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,445 हो गई है, जबकि 9,000 से अधिक घायल हुए हैं। तालिबान के प्रवक्ता के मुताबिक, शनिवार को आया 6.3 तीव्रता का भूकंप देश में दो दशकों में आए सबसे विनाशकारी भूकंप में से एक है।
इससे पहले जून 2022 में पूर्वी अफगानिस्तान के पर्वतीय क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप में 1,000 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 1,500 लोग घायल हुए थे।
अफगानिस्तान के सूचना एवं संस्कृति मंत्रालय के प्रवक्ता, अब्दुल वाहिद रायन ने कहा कि हेरात में भूकंप से मरने वालों की संख्या मूल रूप से बताई गई संख्या से ज्यादा है। उन्होंने तत्काल मदद की अपील करते हुए कहा कि करीब छह गांव तबाह हो गए हैं और सैकड़ों नागरिक मलबे में दब गए हैं।
आपदा मंत्रालय के प्रवक्ता जनान सईक ने बताया कि भूकंप में अब तक 2,445 लोग मारे गए हैं और 9,240 लोग घायल हुए हैं। 1,320 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ईरान से लगती सीमा के इलाकों में 10 राहत और बचाव की टीमें लगी हुई हैं।
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय ने बताया कि हताहतों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि ध्वस्त इमारतों के नीचे कुछ लोगों के फंसे होने की खबरों के बीच खोज और बचाव प्रयास जारी हैं। तालिबान की ओर से नियुक्त आर्थिक मामलों के उपप्रधानमंत्री अब्दुल गनी बरादर ने हेरात और बदघिस में लोगों की मौत को लेकर संवेदनाएं व्यक्त कीं।
तालिबान ने स्थानीय संगठनों से जल्द से जल्द भूकंप प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने का अनुरोध किया, ताकि घायलों को अस्पताल ले जाया जा सके तथा बेघरों को आश्रय और भोजन मुहैया कराया जा सके।
हेरात प्रांत में ज्यादा असर
आपदा प्राधिकरण के एक अन्य प्रवक्ता मोहम्मद अब्दुल्ला जन ने बताया कि भूकंप और उसके बाद आए झटकों का सबसे ज्यादा असर हेरात प्रांत के जेंदा जन जिले के चार गांवों पर पड़ा है। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप का केंद्र हेरात शहर से करीब 40 किमी उत्तर-पश्चिम में था।
इसके बाद 6.3, 5.9 और 5.5 तीव्रता के तीन भूकंप के झटके भी महसूस किए गए। हेरात शहर के निवासी अब्दुल शकूर समादी ने बताया कि शहर में दोपहर के करीब भूकंप के कम से कम पांच जबरदस्त झटके महसूए किए गए।
हेरात में टेलीफोन संपर्क टूट गया है, जिससे प्रभावित इलाकों की जानकारियां हासिल करना मुश्किल हो गया है। सोशल मीडिया पर आई तस्वीरों में हेरात शहर में सैकड़ों लोगों को अपने घरों तथा कार्यालयों से बाहर सड़कों पर देखा गया।
मलबे से बच्ची को जिंदा निकाला
भूकंप से बुरी तरह प्रभावित हेरात में लोग अपनों की तलाश में भटक रहे हैं। लोग हाथों से ही मलबों और चट्टानों को हटाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे अपनों की खोज कर सकें। ऑनलाइन पोस्ट किए गए वीडियो में लोग एक ध्वस्त इमारत से मलबे में गर्दन तक दबी एक बच्ची को बाहर निकालते देखा जा सकता है।
जब बचावकर्मी बच्ची को बाहर निकाल रहे थे तो एक हाथ बच्ची के शरीर को जकड़े हुए था। बचावकर्मियों का कहना है कि यह बच्चे की मां थी। यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बच्ची की जीवित थी या नहीं।
मृतकों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे
हेरात स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डॉ. दानिश ने शनिवार को बताया था कि विभिन्न अस्पतालों में 200 से अधिक शव लाए गए, जिनमें से ज्यादातर महिलाओं और बच्चों के थे। उन्होंने कहा कि शवों को सैन्य बेस और अस्पतालों में ले जाया गया है।