करीब दो दशक से गृहयुद्ध का सामना कर रहे अफगानिस्तान के पश्चिमी घोर प्रांत में रविवार को आत्मघाती कार बम हमले में करीब 12 लोगों की मौत हो गई। वहीं इस हमले में सौ से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। फिलहाल इस आत्मघाती हमले की किसी आतंकी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है।
घोर प्रांत में अस्पताल के प्रमुख मोहम्मद उमर ललजाद ने कहा कि आपातकालीन विभाग के कर्मचारी गंभीर एवं सामान्य रूप से जख्मी हुए लोगों का इलाज कर रहे हैं। उन्होंने मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता तारिक आरन ने कहा कि कार बम हमला प्रांतीय पुलिस प्रमुख के कार्यालय के प्रवेश द्वार पर किया गया। घोर में हमले की किसी ने फिलहाल जिम्मेदारी नहीं ली है। बता दें कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब कतर में तालिबान और अफगानिस्तान सरकार के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता जारी है। देश में दशकों से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए यह वार्ता हो रही है।
दो हफ्ते पहले भी हुआ था विस्फोट :
इससे पहले तीन अक्तूबर को अफगानिस्ता के नांगरहर में भी एक विस्फोट हुआ था। यह विस्फोट पूर्वी नांगरहर प्रांत के पूर्वी इलाके गानीखिल जिला में गवर्नर कंपाउंड के नजदीक हुआ था, जिसमें 15 लोग की मौत हो गई थी और 30 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस विस्फोट में अफगानिस्तान के अंपायर बिस्मिल्लाह जन शिनवारी की भी मौत हो गई। अफगान मीडिया के अनुसार, बिस्मिल्लाह जन शिनवारी समेत उनके परिवार के सात सदस्यों की इस हमले में मौत हो गई। वहीं एक अक्तूबर को दक्षिणी अफगानिस्तान में एक सैन्य जांच चौकी को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले में चार नागरिकों समेत नौ लोगों की मौत हो गई थी। हेलमंद प्रांत के गवर्नर के प्रवक्ता ओमर जवाक ने बताया था कि यह आत्मघाती हमला नहरी साराह जिले में देर रात हुआ, जिसमें एक छोटा बच्चा और सुरक्षा बल के तीन जवान घायल भी हुए हैं।