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Afghanistan: अफगानिस्तान में बारूदी सुरंगों के दो विस्फोटों में, 10 बच्चों की मौत, बाढ़ से भी तबाही

Tue, 02 Apr 2024 10:24 AM IST
अभिषेक दीक्षित यूएन हिंदी समाचार

सार

यूनिसेफ ने 2022 के दौरान विस्फोटक सामग्री के प्रभाव पर तैयार की गई रिपोर्ट में ऐसे 700 बच्चों के मामले दर्ज किए हैं, जो या तो अपंग हो गए या उनकी मौत हो गई। ये संख्या औसतन हर दिन लगभग दो बच्चों के बराबर है।
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Afghanistan - फोटो : Social Media
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विस्तार
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अफगानिस्तान में बारूदी सुरंगों में विस्फोट का दो अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा बाढ़ ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। घटनाएं गजनी और हेरात प्रांतों में हुईं। यूनिसेफ ने पीड़ित परिवारों के साथ गहरी संवेदना व्यक्त की है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की है। 

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यूएन माइन कार्रवाई सेवा (UNMAS) का कहना है कि अफगानिस्तान में 1989 से अभी तक, बारूदी सुरंगों या युद्ध की शेष बची विस्फोटक सामग्री के फटने से लगभग 44 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। यह संख्या औसतन 110 प्रतिमाह के आसपास नजर आती हैं।

यूनिसेफ ने 2022 के दौरान विस्फोटक सामग्री के प्रभाव पर तैयार की गई रिपोर्ट में ऐसे 700 बच्चों के मामले दर्ज किए हैं, जो या तो अपंग हो गए या उनकी मौत हो गई। ये संख्या औसतन हर दिन लगभग दो बच्चों के बराबर है।
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बाढ़ की तबाही
इस बीच देश में 29 और 30 मार्च को हुई भारी बारिश से आई बाढ़ में सात प्रांतों में 1,500 एकड़ फसल तबाह गई है और लगभग 540 घरों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उनमें छह पुलों और 450 किलोमाटर लंबी सड़क को नुकसान शामिल है।

यूएन आपदा राहत समन्वय एजेंसी OCHA के आंकड़ों में शुरुआती खबरों के आधार पर बताया गया है कि इस बाढ़ से प्रभावित होने वाले प्रांतों में प्रमुख हैं- उत्तरी क्षेत्र में फरयाब प्रांत, पूर्वी क्षेत्र में नांगरहार प्रांत और केंद्रीय क्षेत्र में डाइकूंडी प्रांत। यह तीसरा मौका है जब उत्तरी क्षेत्र को एक महीने में तीसरी बार बाढ़ का सामना करना पड़ा है। इस क्षेत्र में 21 मार्च और 26-27 मार्च को हुई भारी वर्षा से आई बाढ़ में कम से कम सात लोग मारे गए और 384 परिवार प्रभावित हुए हैं। हालांकि, 30 मार्च को आई बाढ़ से लोगों के किसी विस्थापन की खबरें नहीं हैं।
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(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)

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