अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने भारत-अफगानिस्तान एयर कॉरिडोर का उद्घाटन किया। उन्होंने भारत-अफगानिस्तान के बीच सीधी एयर सर्विज को हरी झंडी भी दिखाई, जो पाकिस्तान को बाईपास करते हुए सीधे भारत को आएगा। इस कदम को अफगानिस्तान की बेहतरी में बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहाहै।
अफगानी राष्ट्रपति अशरफ गनी ने काबुल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भारत-अफगानिस्तान के डायरेक्ट व्यापारिक रूट की शुरुआत की। इन उड़ानों में पाकिस्तान को सीधे बाईपास किया जाएगा। अशरफ गनी ने एयर कॉरिडोर के उद्घाटन के समय भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुक्रिया भी अदा दिया। उन्होंने कहा कि इस रूट से अफगानिस्तान को एक एक्सपोर्टर देश के तौर पर विकसित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत अफगानी सामानों के लिए बड़ा बाजार है।
इस सेवा को लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानी राष्ट्रपति अशरफ गनी के बीच सितंबर 2016 में भी गहन चर्चा हुई थी।
Decision to establish an Air Freight Corridor was taken in the meeting between Prime Minister Modi and President Ghani in September 2016
— ANI (@ANI_news) June 19, 2017
काबुल से भेजा गया पहला कार्गो प्लेन दिल्ली पहुंच भी चुका है।
First air freight corridor flight between India & Afghanistan (Delhi-Kabul) arrived in Delhi pic.twitter.com/MnYxA8oJK2
— ANI (@ANI_news) June 19, 2017
अफगानी राष्ट्रपित के सलाहकार सेदिकुल्ला मुजादेदी ने कहा कि पहली बार अफगानी एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट कार्गो प्लेन में भरकर भारत गए हैं। भारत जाने वाली पहली कार्गो फ्लाइट में 60 टन औषधीय सामग्री थी। दूसरी फ्लाइट में 40 टन ड्राइफ्रूट भेजे जाएंगे। इसकी कीमत 1 करोड़ 10 लाख डॉलर रही।
अफगान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज(एसीसीआई) ने कहा कि अफगानिस्तान से भारत सामान भेजने में प्रति किलोग्राम में सिर्फ 20 सेंट का खर्च आ रहा है। वहीं, भारत से अफगानिस्तान सामान लवाने में सिर्फ 40 सेंट का खर्च प्रति किलोग्राम की दर से आएगा।
एसीसीआई के फाइनेंसियल डिप्टी हेड तौफीन देवारी ने बताया कि काबुल और कांधार से हर सप्ताह 5 कार्गो प्लेन भारत की उड़ान भरेंगे।