F-18 ने मार गिराया सीरियन एयरफोर्स का SU-22
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अमेरिका ने हिंसा प्रभावित सीरिया में सीरियन एयरफोर्स के फाइटर जेट को मार गिराया है, जिसके बार रूस और अमेरिका आमने सामने आ गए हैं। रूस और अमेरिका के बीच हॉटलाइन भी सस्पेंड कर दी गई है, तो रूस ने खुलेआम अमेरिका को धमकाते हुए कहा है कि अब अमेरिकी विमान उसके रेडार में आएंगे, तो वो उन्हें मार गिराएगा। रूस-अमेरिका की इस तनातनी के बाद सीरिया को लेकर दोनों देश पूरी तरह से आमने सामने आ चुके हैं।
सीरियन फाइटर जेट गिराने की सूचना मिलते ही रूस ने अमेरिका के साथ बातचीत को तुरंत रद्द कर दिया और वॉशिंगटन-मास्को हॉटलाइन को सस्पेंड कर दिया। रूस ने साफ लफ्जों में कह दिया है कि वो अमेरिकी फाइटर प्लेनों को देखते ही मार गिराएगा। यही नहीं, अमेरिका के साथी देशों यानि नेटो के फाइटर प्लेन भी अब सीरिया में मार गिराए जाएंगे।
रूस रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा कि नेटो देशों या अमेरिका के हवाई जहाज, ड्रोन या फाइटन जेट यूफ्रेटिस नदी के पश्चिमी ओर दिखते हैं, तो उसे टारगेट के तौर पर ट्रैक कर मार गिराया जाएगा। रूस की ये धमकी अमेरिकी एयरफोर्स के एफ-18 सुपर हॉर्नोट फाइटर प्लेन द्वारा रूस निर्मित सीरियन एयरफोर्स के एसयू-22 जेट(सुखोई-22) को रविवार को मार गिराने के बाद आया है। रूस ने कहा कि अमेरिका का ये हमला सीरियाई संप्रभुता पर हमला है।
Russia says it will treat US-led coalition planes in Syria, west of the Euphrates, as targets after US downed Syrian jet: AP
— ANI (@ANI_news) June 19, 2017
सीरिया में 2011 के सिविल वॉर की शुरुआत से अमेरिकी आर्मी ने पहली बार सीरियन एयरफोर्स बड़ा हमला बोला है।
अमेरिका ने अपने बचाव में कहा कि सीरियन आर्मी का जेट अमेरिका के साथियों पर बम गिराने आ रहा था, जबकि सीरियाई सरकार ने कहा कि वो उसका फाइटर जेट आईएसआईएस आतंकियों के खिलाफ मिशन पर निकला था।