अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को पेंटागन को आदेश दिया कि वह मध्य जनवरी तक अफगानिस्तान और इराक में अमेरिकी सैनिकों की संख्या 2,500 तक कर दी जाए। मंगलवार को कार्यवाहक रक्षा मंत्री क्रिस्टोफर मिलर ने इसकी घोषणा की। मिलर ने बताया कि रक्षा विभाग 15 जनवरी 2021 तक, ट्रंप के कार्यालय छोड़ने के लिए दिन पहले अफगानिस्तान में सैनिकों की संख्या में 4,500 से घटाकर 2,500 और इराक में सैनिकों की संख्या में 3,000 से घटाकर 2,500 तक करेगा।
गौरतलब है कि अफगानिस्तान में शांति के लिए अमेरिका और तालिबान ने बीते 29 फरवरी को एक समझौते पर दस्तखत किए थे। कतर में हुए इस समझौते में विदेशी सैनिकों की सुरक्षा, तालिबान द्वारा अलकायदा जैसे आतंकी संगठनों को अफगानिस्तान की धरती से दूर रखना और कैदियों की रिहाई जैसे मुद्दे शामिल हैं। समझौते में 14 महीनों में अमेरिका और नाटो की सेनाओं की अफगानिस्तान से पूर्ण वापसी और जल्द ही अफगान सरकार और तालिबान के बीच बातचीत शुरू करने की बात भी कही गई है।
बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा सैनिकों को वापस बुलाने की घोषणा से पहले व्हाइट हाउस के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर रॉबर्ट ओ ब्रायन ने दावा किया था कि वर्ष 2021 की शुरुआत तक अफगानिस्तान से संतोषजनक संख्या में सैनिकों को कम कर दिया जाएगा। लास वेगास स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ नेवादा में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि 'जब राष्ट्रपति ट्रंप ने कार्यभार संभाला था तब अफगानिस्तान में 10 हजार अमेरिकी सैनिक थे। वर्तमान समय में इनकी संख्या 5 हजार है। अगले साल की शुरुआत तक यह संख्या घटकर 2500 पहुंच जाएगी।'
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अक्तूबर में कहा था कि अफगानिस्तान में बचे हुए सभी सैनिक क्रिसमस तक अमेरिका वापस आ जाएंगे। उन्होंने यह बयान अफगानिस्तान में अमेरिकी हमले के 19 साल पूरे होने के मौके पर दिया था। बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान के साथ लड़ाई के दौरान अब तक करीब 2400 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है जबकि कई हजार सैनिक बुरी तरह घायल हुए हैं।