विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, 2016 के दौरान पूरी दुनिया में करीब 42 लाख लोगों की मौत वायु प्रदूषण के कारण हुई थी। शोधकर्ताओं का कहना है कि इसमें से करीब 6 लाख लोग भारत में मारे गए थे। इस दौरान दिल्ली की हवा में कई प्रदूषक तत्वों की दुनिया में सबसे ज्यादा मौजूदगी पाई गई थी।
दिल्ली के कारण आसपास पर भी असर
एक निश्वित समय के दौरान लिए गए आंकड़ों के बारे में हमारा विश्लेषण यह पुष्टि करता है कि दिल्ली क्षेत्र में वायु गुणवत्ता पर प्रदूषण के स्थानीय स्रोत (यातायात और घरों का ताप आदि) जबरदस्त प्रभाव डाल रहे हैं। इसके अलावा, दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों में भी सर्दियों की अवधि के दौरान इयकस पर्याप्त प्रभाव पड़ रहा है।
प्रशांत कुमार, प्रोफेसर, यूनिवर्सिटी ऑफ सरे