अमेरिका में अलबामा स्टेट सीनेट ने गर्भपात पर प्रतिबंध लगाने वाला बिल पारित कर दिया है। इस विधेयक के अनुसार, दुष्कर्म और घृणित यौन संबंध के मामले में भी गर्भपात की अनुमति नहीं दी गई है। अगर कोई डॉक्टर गर्भपात के मामले में लिप्त पाया गया तो इस बिल के मुताबिक उसे उम्रकैद की सजा दी जाएगी। मसौदे को मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा गया है।
डेमोक्रेट नेता बॉबी सिंगलेटोन का कहना है कि बिल पूरी तरह से अमानवीय है। बॉबी के मुताबिक, कोई महिला दुष्कर्म का शिकार होकर गर्भवती हो जाती है तो उसे बच्चे को जन्म देना ही होगा।
अमेरिका में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए काम कर रही संस्था एसीएलयू ने बिल के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल करने की घोषणा की है। संस्था का कहना है कि वह बिल को किसी भी सूरत में क्रियान्वित होने से रोकेगी।
बिल की पैरवी करने वाले लोगों का कहना है कि वे इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाएंगे। डोनाल्ड ट्रंप की वजह से कोर्ट में इस समय कंजरवेटिव बहुमत में हैं। रिपब्लिकन 1973 के उस फैसले को तब्दील करना चाहते हैं, जिसमें गर्भपात को महिलाओं का अधिकार माना गया है।