पाकिस्तानी पत्रकार मतिउल्लाह जान को इस्लामाबाद के एक पब्लिक स्कूल के बाहर से अगवा करने के करीब 12 घंटे बाद मंगलवार शाम को रिहा कर दिया गया। इस घटना ने अदालत, मीडिया, अधिकार समूहों और राजनयिक समुदाय में जबरदस्त आक्रोश पैदा किया। इस घटना के लिए सरकार को जबर्दस्त आलोचना झेलनी पड़ी।
पर्यवेक्षकों ने कहा है कि यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि उनका अपहरण किसने और क्यों किया था। लेकिन, सभी का मानना है कि इस हरकत के पीछे पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी आईएसआई का हाथ हो सकता है। मतिउल्लाह जान को आजाद करने का फैसला इसलिए किया गया था क्योंकि इस्लामाबाद हाईकोर्ट द्वारा बुधवार सुबह उन्हें कोर्ट के सामने पेश करने का आदेश अधिकारियों को दिया गया था।
जान के भाई शाहिद अब्बासी ने कहा कि उनके पत्रकार भाई के पास अज्ञात नंबर से फोन आया था। वह बुधवार को हाईकोर्ट में पेशी की तैयारी कर रहे थे, जहां वह कथित रूप से विवादास्पद ट्वीट के लिए अदालती अवमानना का सामना कर रहे थे।