फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैसे थमेगी अमेरिका-ईरान जंग?: अब्बास अराघची ने चुपचाप पाकिस्तान को बताई योजना, गेंद अब ट्रंप के पाले में

Sun, 26 Apr 2026 01:05 AM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता का दूसरा दौर भी खटाई में पड़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ऐन वक्त पर जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया। उन्होंने दावा किया कि ईरान के नेतृत्व में भारी गुटबाजी और भ्रम की स्थिति है। हालांकि, ईरान ने पाकिस्तान को अपनी आधिकारिक मांगों की सूची सौंप दी है।
विज्ञापन
ईरान के विदेश मंत्री - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम एशिया संघर्ष को खत्म करने की कोशिशें जारी हैं। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हमेशा के लिए अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने को लेकर एक खाका पेश किया। 
विज्ञापन


अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त करने के उद्देश्य से एक खाका साझा किया है। उन्होंने इस्लामाबाद में पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ हुई चर्चाओं के दौरान अपनी स्थिति स्पष्ट की।

ये भी पढ़ें: Report: अमेरिका के लिए भरोसेमंद साथी नहीं, 'सिरदर्द' है पाकिस्तान; इस अमेरिकी रिपोर्ट में हुए कई बड़े खुलासे
विज्ञापन


अमेरिका के साथ शांति वार्ता पर क्या बोले अराघची?
इस्लामाबाद से निकलने के बाद 'एक्स' पर एक पोस्ट में अराघची ने कहा कि ईरान ने युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए एक व्यावहारिक खाके पर अपनी स्थिति साझा की है। उन्होंने आगे कहा कि यह देखना बाकी है कि क्या अमेरिका वास्तव में कूटनीति के प्रति गंभीर है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामाबाद जाने वाले प्रतिनिधिमंडल का दौरा रद्द कर दिया है। वहीं, नेतृत्व में ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ उच्च-स्तरीय बैठकों के एक दिन बाद शनिवार शाम इस्लामाबाद से रवाना हुआ। इससे अमेरिका-ईरान शांति समझौते को मध्यस्थता करने के पाकिस्तान के महत्वाकांक्षी दावों को दूसरे दौर की बातचीत में झटका लगा।

पाकिस्तान को सौंपी आधिकारिक मांगों की सूची
अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया में संघर्ष का पूर्ण समाधान प्राप्त करने के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तानी नेताओं को आधिकारिक मांगों की सूची सौंपी। अब पाकिस्तान की ओर से अमेरिका और इस्राइल को ये मांगें बताई जाएंगी। गौरतलब है कि अराघची अपनी तीन देशों की यात्रा के हिस्से के रूप में ओमान और रूस का भी दौरा करेंगे।

ये भी पढ़ें: पश्चिम एशिया संकट: ईरान में 57 दिनों से इंटरनेट ठप, नौ करोड़ लोग अलग-थलग पड़े, हर दिन 370 करोड़ का नुकसान
विज्ञापन


इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान के नेतृत्व के भीतर भयानक आपसी कलह और भ्रम के कारण विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर की इस्लामाबाद की निर्धारित यात्रा रद्द कर दी है। उन्होंने आगे की बातचीत के लिए ईरान पर जिम्मेदारी डाल दी। ट्रंप ने कहा, "हमारे पास सारे पत्ते हैं, उनके पास कुछ नहीं। अगर वे बात करना चाहते हैं, तो उन्हें बस फोन करना होगा।"

कहां अटकी है बात?
सूत्रों के मुताबिक अमेरिका चाहता है कि दोनों पक्ष एक ही कमरे में बैठकर बात करें, जबकि ईरान इसके लिए तैयार नहीं है। उसकी मांग है कि बातचीत शुरू होने से पहले अमेरिका कम से कम तेल निर्यात पर लगी पाबंदियों में ढील दे। अमेरिका ईरान के यूरेनियम को देश से बाहर भेजने की भी मांग कर रहा है, जिस पर तेहरान सहमत नहीं है।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें