जर्मनी की टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख के वैज्ञानिकों के फूड केमिस्ट्री पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में यह खुलासा हुआ है। वैज्ञानिकों ने भुनी हुई अरेबिका कॉफी में कड़वे यौगिकों का एक नया समूह खोजा है।
आनुवांकि कारणों से कुछ लोगों को कॉफी बेहद कड़वी लगती है। जर्मनी की टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख के वैज्ञानिकों के फूड केमिस्ट्री पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में यह खुलासा हुआ है। वैज्ञानिकों ने भुनी हुई अरेबिका कॉफी में कड़वे यौगिकों का एक नया समूह खोजा है।
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देखा जाए तो वैज्ञानिकों ने पहली बार यह साबित किया है कि किसी व्यक्ति की जेनेटिक संरचना भी यह तय करती है कि उसे ये पदार्थ इतने क्यों कड़वे लगते हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, कॉफी में कैफीन के अलावा भी कुछ तत्व होते हैं जो कड़वाहट लाते हैं। इनमें अरेबिका बीन्स में पाए जाने वाला मोजाम्बियोसाइड भी है। एजेंसी
कड़वा स्वाद महसूस करने की क्षमता
अरेबिका कॉफी के बीजों को पहले भुना जाता है। प्रमुख शोधकर्ता रोमन लैंग ने कहा कि इस दौरान मोजाम्बियोसाइड सात अलग-अलग तत्वों में टूट जाता है। ये नए तत्व भी उन्हीं कड़वी स्वाद ग्राहियों को सक्रिय करते हैं। आनुवंशिक परीक्षण में पाया गया कि कड़वे स्वाद को महसूस करने की क्षमता व्यक्ति के जीन पर निर्भर करती है।