भारत की एक छोटी सी आईटी फर्म द्वारा दुनियाभर में पिछले सात सालों में 10 हजार ईमेल एकाउंट्स की जासूसी के लिए अपनी हैकिंग की सेवाएं देने का मामला सामने आया है। नई दिल्ली स्थित बेलट्रोक्स इन्फोटेक सर्विसेज नाम की इस कंपनी ने यूरोप के सरकारी अधिकारियों, बहामास के जुए के व्यापारियों, अमेरिका के कई बड़े निवेशकों समेत भारत की कुछ कंपनियों को भी अपना निशाना बनाया है।
कंपनी के तीन पूर्व कर्मचारियों और ऑनलाइन जुटाए गए कई साक्ष्यों के आधार पर पूरा मामला सामने आया है। फिलहाल सूत्रों के मुताबिक बेलट्रॉक्स कंपनी की हैकिंग में शामिल होने की संभावना के सभी पहलुओं की जांच अमेरिकी कानून के तहत कर रहा है।
हालांकि कंपनी के मालिक ने किसी भी तरह के गलत कार्य में शामिल होने से इनकार किया है और साथ ही अपने क्लाइंट्स का नाम भी उजागर नहीं किया है।
वहीं इंटरनेट वॉचडॉग ग्रुप सिटीजन लैब के शोधकर्ताओं, जिन्होंने हैकर्स द्वारा उपयोग किए जाने वाले बुनियादी ढांचे का मानचित्रण करने में दो साल से अधिक समय बिताया, ने मंगलवार को यहां एक रिपोर्ट जारी की जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि बेलट्रॉक्स कर्मचारी जासूसी अभियान के पीछे हैं। सिटीजन लैब के शोधकर्ता जॉन स्कॉट-रेलटन ने कहा कि यह सबसे बड़ा भाड़े पर किया गया जासूसी ऑपरेशन में से एक है जो अब तक उजागर हुआ है।
गौरतलब है कि लॉकडाउन के दौरान दुनियाभर में साइबर अपराध और हैकिंग जैसे गैरकानूनी कामों में बढ़ोतरी देखी गई है और लोगों से सावधान रहने के लिए कहा गया है।