अमेरिका के इंडियानापोलिस में फेडेक्स के एक केंद्र पर गोलीबारी की घटना में आठ लोगों की मौत हो गई, जिसमें चार भारतीय अमेरिकी सिख भी शामिल हैं। गुरुवार को एक अपराधी ने गोलीबारी कर यहां आठ लोगों की जान ले ली है। इस घटना में कई अन्य लोग घायल भी हो गए हैं।
बंदूकधारी की पहचान ब्रांडेन स्कॉट के तौर पर हुई है और पुलिस की माने तो गोलीबारी करने के बाद बंदूकधारी ने आत्महत्या कर ली। फेडेक्स कंपनी में काम करने वाले 90 फीसदी कर्मचारी भारतीय अमेरिकी हैं और इसमें खासकर सिख समुदाय के लोग आते हैं।
विदेश मंत्री ने मदद देने की कही बात
इधर अमेरिका के इंडियानापोलिस में हुए हमले में सिख समुदाय के लोगों की मौत होने के बाद भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों में भारतीय अमेरिकी सिख शामिल हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि शिकागो में हमारा राजदूत इंडियानापोलिस में अधिकारियों और सामुदायिक नेताओं के संपर्क में हैं। उन्होंने आगे कहा कि हर संभव मदद दी जाएगी।
बता दें कि पुलिस ने शुक्रवार को जानकारी दी थी कि अधिकारियों को शहर के बाहर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास फेडेक्स सेंटर पर फायरिंग की जानकारी मिली है। इंडियानापोलिस के प्रमुख रैंडल टेलर ने बताया कि वे इस बात की पुष्टि नहीं कर सके कि बंदूकधारी ने उन लोगों पर गोलियां क्यों चलाईं।
भारतीय मूल के हरप्रीत गिल को लगी गोली
इस हादसे में भारतीय मूल के हरप्रीत गिल को गोली लगी है। फेडेक्स में हो रही गोलीबारी के बारे में सबसे पहले हरप्रीत को जानकारी मिली थी। हरप्रीत ने जब भागने की कोशिश की तो उसके सर पर गोली लगी, अभी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। हरप्रीत के भाई ने इस बात की जानकारी दी।
बाइडेन प्रशासन से मदद की अपील करेगा सिख समुदाय
सिख काउंसिल ऑफ रिलीजन एंड एजुकेशन के चेयरमैन डॉ. रजवंत सिंह ने कहा कि इंडियानापोलिस में हुए हमले से बेहद आहत हैं। उन्होंने आगे कहा कि एशियाई अमेरिकियों के खिलाफ हिंसा और घृणा देखना अनिश्चित है। उन्होंने कहा कि हम बाइडेन प्रशासन से पीड़ितों के परिवार को मदद करने की अपील करेंगे।