दो साल से ज्यादा समय से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध में आय दिन कोई ना कोई बड़े हमले की खबर सामने आती रहती है। इसी बीच यूक्रेनी सेना ने बुधवार को कहा कि उसने रूस के सारातोव क्षेत्र में एक ईंधन भंडारण डिपो पर हमला किया, जिसके कारण एक महत्वपूर्ण रूसी हवाई अड्डे की आपूर्ति करने वाली सुविधा में भीषण आग लग गई। रूसी अधिकारियों ने इस हमले को स्वीकार किया और बताया कि इस क्षेत्र में एक बड़े ड्रोन हमले के बाद, आग बुझाने के लिए एक आपातकालीन कमांड सेंटर स्थापित किया गया है।
यूक्रेनी जनरल स्टाफ का बयान
मामले में यूक्रेनी जनरल स्टाफ ने कहा कि यह हमला रूस के सारातोव क्षेत्र के एंगेल्स के पास हुआ, जो यूक्रेनी सीमा से लगभग 600 किलोमीटर दूर है। डिपो ने पास के एक हवाई अड्डे को ईंधन आपूर्ति की, जिसका उपयोग ऐसे विमानों द्वारा किया जाता है जो यूक्रेन में मिसाइलें लॉन्च करते हैं।
यूक्रन की घरेलू तैयारी
यूक्रेन अपने घरेलू निर्मित लंबी दूरी के मिसाइलों और ड्रोन का बढ़ा कर रहा है, जो फ्रंटलाइन से पीछे तक स्थित लक्ष्यों को निशाना बना सकते हैं। इससे रूस में स्थित लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता बढ़ रही है। गौरतलब है कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने पिछले साल कहा था कि यूक्रेन ने एक ऐसा हथियार विकसित किया है जो 700 किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्य को भेद सकता है। कुछ यूक्रेनी ड्रोन हमलों ने 1,000 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित लक्ष्य भी निशाना बनाए हैं।
सारातोव क्षेत्र के गवर्नर रोमन का बयान
साथ ही सारातोव क्षेत्र के गवर्नर रोमन बुसार्गिन ने कहा कि एंगेल्स में एक औद्योगिक संयंत्र को ड्रोन से गिरने वाले मलबे से नुकसान हुआ है, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। रूस के परमाणु-सक्षम रणनीतिक बमवर्षकों का मुख्य अड्डा एंगेल्स के पास स्थित है, और युद्ध के प्रारंभ से ही इसे यूक्रेनी ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ा है।रूसी अधिकारियों ने बुधवार को सारातोव, उल्यानोव्स्क, कज़ान और निज़नेकमस्क के हवाई अड्डों पर उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया, जो यूक्रेनी हमले के बाद लिया गया कदम था।