अमेरिका की एक अदालत ने हेल्थ केयर फ्रॉड और अवैध रूप से दर्द निवारक दवाओं की बिक्री मामले में भारतीय मूल के डॉक्टर को नौ साल जेल की सजा सुनाई है। 66 वर्षीय पवन कुमार जैन मरीजों की पूरी जांच किए बिना ही ऐसी दवाएं लिखता था, जो केवल खास मौकों पर ही दी जाती हैं।
इसके अलावा कई बार उसने फर्जी प्रिस्क्रिप्शन भी लिखे थे। पवन कुमार ने खुद अपने जुर्म को अदालत में कबूल किया है। लॉस क्रूसेस की फेडरल कोर्ट के फैसले के बाद अटॉर्नी जॉन एंडरसन ने कहा, ‘पवन कुमार को नौ साल की सजा सुनाई गई है और जेल से रिहा होने के बाद भी जैन पर तीन साल तक कड़ी निगरानी रखी जाएगी।’
फरवरी 2016 में पवन कुमार ने फेडरल कोर्ट में अपने जुर्म को कबूल किया था। कोर्ट में जमा दस्तावेज के अनुसार, 2009 में पवन ने एक मरीज की जांच किए बिना ही दवाइयां लिख दी थी। उन्हीं दवाओं की वजह से बाद में उस मरीज की मौत हो गई थी। इस मामले के बाद द न्यू मेक्सिको मेडिकल बोर्ड ने दिसंबर 2012 में जैन का मेडिकल लाइसेंस रद कर दिया था।