किसी खास देश का नाम लिए बगैर उन्होंने चेताया कि, 'कुछ देश स्पष्ट तौर पर स्व-केंद्रित राष्ट्रवाद को अभिव्यक्त कर रहे हैं और अपने परमाणु जखीरे का आधुनिकीकरण कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'वे फिर से वही तनाव पैदा कर रहे हैं जो शीतयुद्ध के खत्म होने के बाद शान्त हो गया था।' उन्होंने ऐसे वक्त में परमाणु हथियारों को खत्म करने की अपील की जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी परमाणु शस्त्रागार को बढ़ाने का प्रण लिया है।
प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने इस मौके पर कहा कि जापान का उत्तरदायित्व परमाणु संपन्न और परामणु शस्त्र रहित राष्ट्रों के बीच के अंतर को पाटना है। आबे की सरकार ने परमाणु हथियारों पर प्रतिबंध को लेकर संयुक्त राष्ट्र के समझौते में हिस्सा नहीं लेने का फैसला लिया था।
गौरतलब है कि द्वितीय विश्वयुद्ध के अंत में अमेरिका ने जापान पर दो परमाणु हमले किए थे। पहला हिरोशिमा में और दूसरा नागासाकी में। इन विस्फोटों में हिरोशिमा में 1,40,000 और नागासाकी में 74,000 लोग मारे गए थे।