अमेरिका में इन दिनों 1940 के दशक का मॉब लिंचिंग का मामला खुलकर सामने आया है। इसमें जिसमें गोरे लोगों की एक भीड़ ने चार अश्वेत लोगों की जान ले ली थी। लेकिन आज तक इसमें कोई दोषी पकड़ा नहीं गया है। मॉब लिंचिंग की यह घटना अमेरिका के अटलांटा से कुछ 50 किलोमीटर दूर हुई थी। इसमें दो किसान दंपतियों को सड़क पर रोका गया और फिर गोरे लोगों की भीड़ ने उन्हें घसीटते हुए वहां से दूर ले गई। इसके बाद गोली मार कर हत्या कर दी गई।
दरअसल जुलाई 1946 में रॉजर मैलकम की एक अन्य किसान से हाथापाई हो गई। बात जान लेने तक पहुंच गई। बाद में यह मामला केवल दो किसानों का न रह कर गोरे और अश्वेत लोगों का विवाद बन गया। बावजूद इसके एक अन्य किसान लॉय हैरिसन ने रॉजर को छुड़वाया और इसके लिए उस समय 600 डॉलर का जुर्माना भी भरा।
एफबीआई के रिकॉर्ड के अनुसार लॉय अमेरिका के नस्ली संगठन केकेके (कू क्लक्स क्लेन्समैन) का सदस्य था और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहा था। हालांकि इस मामले में एफबीआई के पास लॉय के खिलाफ कोई सुबूत नहीं था। दिसंबर 1946 को इस मामले की फाइल बंद कर दी गई।
इतिहासकार एंथनी पिच ने इससे जुड़ी कई हत्याओं के बारे में एक किताब लिखी जिसका नाम ‘द लास्ट लिंचिंग : हाउ अ ग्रूस्म मास मर्डर रॉक्ड अ स्मॉल जॉर्जियन टाउन’ था। यह 2016 में यह किताब प्रकाशित हुई थी। लेकिन किताब छप जाने के बाद भी पिच इस मामले पर शोध करते रहे।