वहीं 2017 में 11.11 लाख अमेरिकी लोगों ने भारत की यात्रा की। आंकड़ों से पता चलता है कि विदेश यात्रा करने के मामले में अमेरिकियों की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन भारत आने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है।
इस मामले पर ट्रैवल पोर्टल यात्रा के सीईओ शरत ढल का कहना है कि इसके पीछे कारण हो सकता है 2017 में रुपये का मजबूत होना। जिस कारण अमेरिकियों को भारत अन्य देशों के मुकाबले महंगा लगा हो, इसलिए उन्होंने दूसरे देशों में जाना सस्ता समझा होगा।
वहीं 2016 में रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट 67-68 रुपये था। वहीं 2017 में यह 64 रुपये पर पहुंच गया। एशिया के देशों की यात्रा के मामले में अमेरिकियों की पहली पसंद है चीन।
दूसरे नंबर पर आता है जापान और तीसरे स्थान पर आता है भारत। वहीं अमेरिकियों के विदेशों में यात्रा के मामले में सबसे ऊपर ब्रिटेन, फ्रांस और स्पेन हैं।