पूर्वी तुर्की में आए विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 38 तक पहुंच गई है। इनमें से ज्यादातर मौतें इलाजिग में हुई है। तुर्की सरकार के आपदा एवं आपात प्रबंधन एजेंसी (एएफएडी) ने बताया कि 1,607 लोग घायल हैं जिनमें से 13 आईसीयू में हैं। शुक्रवार शाम को 6.8 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप का केंद्र सिवराइस था।
राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने कहा कि भूकंप से प्रभावित लोगों की मदद के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने टि्वटर पर लिखा कि हम अपने लोगों के साथ हैं। डर के चलते अपने घरों से भागे लोग हाड़ कंपा देने वाली ठंड में अपने आप को गरम रखने के लिए सड़कों पर आग जलाकर बैठे हैं।
तुर्की सरकार की आपदा एवं आपात प्रबंधन एजेंसी (एएफएडी) ने कहा कि सिवराइस में स्थानीय समयानुसार रात करीब आठ बजकर 55 मिनट पर भूकंप आया। तुर्की भूकंप के लिहाज से संवदेनशील क्षेत्र है। तुर्की के टेलीविजन में तस्वीरों में लोगों को डर से घरों से बाहर भागते हुए और एक इमारत की छत पर आग लगते हुए दिखाया गया।
गृह मंत्री सुलेमान सोयलु ने कहा कि मालात्या में मलबे में कोई फंसा नहीं है लेकिन एलाजिग में 30 नागरिकों का पता लगाने के लिए तलाश एवं बचाव अभियान चल रहा है। मालात्या में भूकंप पीड़ितों को शरण देने के लिए खेल केंद्र, स्कूल और गेस्ट हाउसों को खोला गया है।