पाकिस्तान ने 1 अप्रैल 2025 से अब तक 944 अफगान परिवारों को देश से बाहर कर दिया है। इन परिवारों में कुल मिलाकर लगभग 6,700 लोग शामिल हैं। यह कार्रवाई उस समय शुरू हुई जब अफगान सिटीजन कार्ड (एसीसी) रखने वाले लोगों के लिए स्वैच्छिक वापसी की तय समय सीमा 31 मार्च को खत्म हो गई। एक स्थानीय अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, इन 6,700 लोगों में 2,874 पुरुष, 1,755 महिलाएं और 2,071 बच्चे शामिल हैं। इन्हें पेशावर के पास लांडी कोटल ट्रांजिट कैंप लाया गया, जहां जरूरी जांच के बाद इन्हें तोरखम बॉर्डर से अफगानिस्तान भेजा गया।
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पहले चरण में निकाले गए 70 हजार अफगानी
पाकिस्तान से निकाले जाने की यह दूसरी चरण की कार्रवाई है। इससे पहले सितंबर 2023 में पहला चरण शुरू हुआ था, जिसमें गैरकानूनी रूप से रह रहे अफगानिस्तान के नागरिकों को वापस भेजा गया था। पहले चरण में 70,494 अफगान परिवारों को तोरखम बॉर्डर के जरिए वापस भेजा गया था। कुल मिलाकर 8 लाख से अधिक अफगान नागरिकों को कई बॉर्डर से वापस भेजा गया था।
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पाकिस्तान में पुलिस चला रही खास अभियान
इस समय पाकिस्तान में एक बड़ी पुलिस कार्रवाई चल रही है, जिसमें अवैध रूप से रह रहे अफगान नागरिकों को पकड़ा जा रहा है। खासकर उनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है जिनके पास निवास का प्रमाण (पीओआर) कार्ड नहीं हैं या जिनके एसीसी कार्ड की मियाद खत्म हो चुकी है। बताया जाता है कि 1980 के दशक में सोवियत संघ के आक्रमण के बाद अफगान नागरिक बड़ी संख्या में पाकिस्तान आ गए थे। फिलहाल लगभग 25 लाख अफगान पाकिस्तान में रह रहे हैं, लेकिन उनकी सटीक संख्या स्पष्ट नहीं है।