यूक्रेन की अर्थव्यवस्था मंत्री यूलिया स्विरिडेंको ने शनिवार को बताया कि यूक्रेन की एक टीम अगले हफ्ते वॉशिंगटन (अमेरिका) जाएगी, जहां एक नए खनिज समझौते पर बातचीत शुरू होगी। इस समझौते से अमेरिका को यूक्रेन के बहुमूल्य खनिज संसाधनों तक पहुंच मिल सकती है। स्विरिडेंको ने यह जानकारी उत्तरी यूक्रेन की यात्रा के दौरान दी। उन्होंने कहा, 'अमेरिका की तरफ से जो नया मसौदा आया है, उससे साफ है कि अमेरिका अब भी एक फंड बनाने या संयुक्त निवेश करने का इरादा रखता है।'
यूक्रेन की टीम में कौन-कौन टीम शामिल?
इस बार जो टीम अमेरिका भेजी जा रही है, उसमें यूक्रेन के अर्थव्यवस्था, विदेश मामलों, न्याय और वित्त मंत्रालयों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। अमेरिका और यूक्रेन के बीच इस समझौते पर कई महीनों से बातचीत चल रही है, लेकिन फरवरी में यह रुक गई थी। तब व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच हुए एक विवादास्पद मीटिंग के बाद चीजें बिगड़ गईं।
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क्या है यह खनिज समझौता, क्यों हुआ विवाद?
यूक्रेन के पास 20 से ज्यादा ऐसे खनिजों के भंडार हैं जिन्हें अमेरिका ने रणनीतिक रूप से अहम माना है। इनमें टाइटेनियम- हवाई जहाज के पंख बनाने में काम आता है, लिथियम- बैटरियों में प्रयोग होता है, यूरेनियम- परमाणु ऊर्जा के लिए जरूरी, शामिल है। जब अमेरिका की ओर से नया मसौदा भेजा गया, तो कुछ यूक्रेनी सांसदों ने उसे लीक कर दिया। लीक हुए दस्तावेज के अनुसार, यह मसौदा सिर्फ दुर्लभ खनिजों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसमें गैस और तेल के स्रोत भी शामिल थे। इस पर स्विरिडेंको ने कहा, 'यह मसौदा अभी सिर्फ अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की कानूनी टीम का दृष्टिकोण है, यह अंतिम सहमति नहीं है।'
यूक्रेन एक तकनीकी टीम बना रहा है जो वार्ता में हिस्सा लेगी। इस टीम के पास स्पष्ट सीमाएं और मुख्य सिद्धांत होंगे। अगले हफ्ते ही अमेरिका में आमने-सामने बातचीत शुरू हो सकती है। स्विरिडेंको ने कहा, 'यह बातचीत ऑनलाइन नहीं हो सकती। इसके लिए हमें आमने-सामने बैठना पड़ेगा।' यूक्रेन अब कानूनी, वित्तीय और निवेश सलाहकार भी नियुक्त कर रहा है।
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नया मसौदा कितना अलग है?
पहले वाला समझौता सिर्फ फंड बनाने की मंशा तक सीमित था, लेकिन नया मसौदा इस फंड की संरचना और काम करने के तरीके को भी विस्तार से बताता है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि यूक्रेन को फंड के प्रबंधन में कितना अधिकार मिलेगा। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यूक्रेन की भूमिका सीमित हो सकती है, लेकिन यूक्रेनी सरकार इस मुद्दे पर अमेरिका से स्पष्ट जवाब चाहती है।
क्या कहता था पहले वाला समझौता?
अमेरिका और यूक्रेन मिलकर एक संयुक्त निवेश फंड बनाएंगे, यूक्रेन अपनी प्राकृतिक संपत्तियों (खनिज, तेल, गैस आदि) से होने वाली आमदनी का 50% इस फंड में डालेगा। यह पैसा यूक्रेन के युद्ध-प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण में लगेगा और संपत्तियों का मालिकाना हक अमेरिका को नहीं दिया जाएगा। इस पर यूक्रेनी मंत्री स्विरिडेंको ने कहा, 'हम इस बात पर पूरी तरह ध्यान दे रहे हैं कि अंतिम समझौता हमारे राष्ट्रीय हितों के अनुकूल हो। पहले के मसौदे में दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से संतुलित बात की थी।' उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे की बातचीत में यूक्रेन अपनी शर्तों और रणनीतिक हितों को पूरी मजबूती से रखेगा।