चीन के सिचुआन में 5.1 तीव्रता का भूकंप आने के बाद नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। नेपाल पुलिस ने तिब्बत की तरफ पानी का बांध फिर टूटने की सूचना देते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है। इस बीच, नेपाल में बाढ़ से मौतों का आंकड़ा 469 पहुंच गया है, जबकि 1,545 लोग लापता हैं।
चीन के सिचुआन प्रांत में शुक्रवार को 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद नेपाल में एक बार फिर बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, तिब्बत की तरफ पानी का बांध फिर टूटने की सूचना मिली है। इससे ऊपर से पानी का तेज बहाव आने और त्रिशूली नदी का जलस्तर बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। खतरे को देखते हुए त्रिशूली इलाके को एक बार फिर खाली कराया जा रहा है। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र के अनुसार, भूकंप सिचुआन प्रांत के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित लोंगचांग शहर में आया। चीनी मीडिया CGTN ने भी इसकी जानकारी दी है।
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तिब्बत की तरफ बांध टूटने की सूचना
भूकंप के बाद नेपाल पुलिस ने लोगों को तत्काल सतर्क रहने की चेतावनी दी। पुलिस ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि उसे सूचना मिली है कि तिब्बत की तरफ पानी का बांध फिर टूट गया है। नेपाल पुलिस ने सुरक्षा कर्मियों, राहत और बचाव कार्य में लगे कर्मचारियों तथा आम लोगों से तुरंत सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। पुलिस ने लोगों से आसपास मौजूद अन्य लोगों को भी खतरे की जानकारी देने को कहा है। त्रिशूली इलाके में ऊपर से आने वाले पानी के तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। आशंका है कि पानी का बहाव बढ़ने से त्रिशूली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।
सेना और हेलीकॉप्टरों से बचाव अभियान जारी
नेपाल की प्रतिनिधि सभा में विपक्ष के नेता भीष्म राज आंगदेम्बे ने त्रिशूली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद नेपाली सेना बचाव अभियान में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि इलाके का भौगोलिक स्वरूप और खराब मौसम बचाव अभियान के लिए चुनौती पैदा कर रहे हैं। इसके बावजूद नेपाली सेना और सभी हेलीकॉप्टर टीमें पूरी तरह अभियान में जुटी हुई हैं। आंगदेम्बे के मुताबिक, ऊपर की तरफ की स्थिति को देखते हुए तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं। संघीय, प्रांतीय और स्थानीय सरकारें मिलकर काम कर रही हैं। बचाव अभियान में नेपाली सेना के दो हेलीकॉप्टरों के अलावा निजी क्षेत्र के हेलीकॉप्टर भी लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है और लोगों को लगातार स्थिति की जानकारी दी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां भी लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दे रही हैं।
त्रिशूली-रसुवा सड़क का काम रोका गया
बाढ़ और पानी के बढ़ते खतरे को देखते हुए त्रिशूली से रसुवा तक बनाई जा रही सड़क का काम फिलहाल रोक दिया गया है। सभी JCB मशीनों को वापस बुला लिया गया है और सड़क निर्माण से जुड़े सभी काम बंद कर दिए गए हैं। बचाव अभियान से जुड़े एक अधिकारी ने एएनआई को बताया कि टीम काठमांडू से स्थिति का जायजा लेने यहां पहुंची है। उन्होंने कहा कि यह रास्ता रसुवा की ओर जाता है, लेकिन रास्ते में भारी नुकसान हुआ है और फिलहाल रसुवा जाने का कोई रास्ता नहीं है। अधिकारी ने कहा कि स्थानीय और नेपाल सरकार को मलबा हटाने का काम करना होगा। इसके बाद ही रास्ते को दोबारा खोला जा सकेगा।
नेपाल में बाढ़ से 469 लोगों की मौत
नेपाल में हालिया विनाशकारी फ्लैश फ्लड यानी अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है। नेपाल पुलिस के अनुसार, 1,545 लोग घायल हुए और उन्हें बचाया गया है।
जिलेवार आंकड़ों के अनुसार:
चितवन: 178 शव बरामद
एनपी ईस्ट: 110
गोरखा: 44
नुवाकोट: 37
धादिंग: 33
तनाहुन: 28
एनपी वेस्ट: 27
रसुवा: 12
नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक रसुवा से 644, नुवाकोट से 898 और धादिंग से 3 लोगों को बचाया गया है। बाढ़ के बाद कई इलाकों में सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। रसुवा की ओर जाने वाले रास्तों पर भारी मलबा जमा होने से राहत और बचाव दलों के सामने भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। अब तिब्बत की तरफ फिर बांध टूटने की सूचना और नदी का जलस्तर बढ़ने के खतरे ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है।