अमेरिका का जीएसपी कार्यक्रम क्या है ?
अभी तक भारत जीएसपी के तहत सबसे बड़ा लाभार्थी देश माना जाता था, लेकिन ट्रंप प्रशासन की यह कार्रवाई नई दिल्ली के साथ उसके व्यापार संबंधी मुद्दों पर सख्त रवैये को दिखा रही है। जीएसपी को विभिन्न देशों से आने वाले हजारों उत्पादों को शुल्क मुक्त प्रवेश की अनुमति देकर आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था। बता दें कि साल 2017 में जीएसपी के तहत भारत ने अमेरिका को 5.6 अरब डॉलर से अधिक का कर-मुक्त निर्यात किया था।
भारत को इस सूची से क्यों बाहर किया गया?
ट्रंप ने भारत को सूची से बाहर करते हुए कहा था कि उन्हें भारत से यह भरोसा नहीं मिल पाया है कि वह अपने बाजार में अमेरिकी उत्पादों को बराबर की छूट देगा। उन्होंने कहा था कि भारत में पाबंदियों की वजह से अमेरिका को व्यापारिक नुकसान हो रहा है। भारत जीएसपी के मापदंड पूरे करने में नाकाम रहा है। अमेरिका ने पिछले साल अप्रैल में जीएसपी के लिए तय शर्तों की समीक्षा शुरू की थी। जिसके बाद ये फैसला किया गया था।
ट्रंप से इसपर चर्चा करेंगे मोदी
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी दौरे के समय जीएसपी पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से चर्चा कर सकते हैं। ऐसे में संभावना है कि दोनों नेता इस दौरान लंबे समय से विवाद का कारण बने व्यापारिक मुद्दों पर समझौते भी करेंगे।