फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Peru Violence: पेरू की राजधानी में 30 दिन का आपातकाल घोषित, बढ़ते अपराध और हिंसा के बीच राष्ट्रपति की सख्ती

Wed, 22 Oct 2025 12:33 PM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लीमा

सार

दक्षिणी अमेरिका के पेरू में अपराध और हिंसा के बढ़ते मामलों पर नई सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रपति जोसे जेरी ने राजधानी लीमा में 30 दिन के आपातकाल की घोषणा की है। जेरी ने कहा कि अब अपराध के खिलाफ रक्षात्मक नहीं, आक्रामक नीति होगी।

विज्ञापन
पेरू झंडा - फोटो : freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दक्षिणी अमेरिका स्थित देश पेरू में बढ़ते हिंसा और अपराध के चलते अब वहां की सरकार एक्शन में आती हुई नजर आ रही है। इसके तहत देश के नए राष्ट्रपति जोसे जेरी ने मंगलवार को राजधानी लीमा में 30 दिनों के लिए आपातकाल घोषित कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश में हत्याएं, जबरन वसूली और सार्वजनिक स्थानों पर हमले तेजी से बढ़े हैं। आंकड़ो की माने तो जनवरी से सितंबर 2025 के बीच देश में 1,690 हत्याएं दर्ज की गईं, जबकि 2024 में इसी अवधि में 1,502 मामले सामने आए थे।

बता दें कि राष्ट्रपति दीना बोलुआर्ते को अपराध रोकने में विफल रहने के कारण 10 अक्टूबर को संसद ने पद से हटा दिया। हालांकि उन्होंने भी इसी साल मार्च में 30 दिन का आपातकाल लगाया था, लेकिन उससे अपराध पर कोई खास असर नहीं पड़ा।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- यूक्रेन पर रूस ने फिर किया हमला: राजधानी कीव में ड्रोन और मिसाइल अटैक, दो की मौत; कई घायल

राष्ट्रपति जेरी का सख्त रुख

बोलुआर्ते के स्थान पर राष्ट्रपति बने जेरी ने अपराध और हिंसा के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया। जेरी ने टीवी पर दिए एक संदेश में कहा कि जंग बातों से नहीं, काम से जीती जाती है। उन्होंने कहा कि अब सरकार अपराध के खिलाफ रक्षात्मक नहीं, आक्रामक नीति अपनाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


हिंसक हुआ प्रदर्शन
हालांकि इस घोषणा के बाद भी राजधानी लीमा में गुरुवार को विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें राष्ट्रपति जोसे जेरी के इस्तीफे की मांग की गई। प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए, जिनमें पुलिसकर्मी और पत्रकार भी शामिल हैं।

हालांकि इसके बावजूद भी जेरी ने साफ कहा है कि वे इस्तीफा नहीं देंगे। गौरतलब है कि  आपातकाल के तहत सरकार सेना को तैनात कर सकती है और लोगों की आवाजाही और सभा करने के अधिकार पर रोक लगाई जा सकती है।

ये भी पढ़ें:- Israel: वेस्ट बैंक में बसे इस्राइली नागरिकों ने फलस्तीनी किसानों को पीटा, जैतून की फसल को लेकर हुआ विवाद

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें