इंडोनेशिया में आम चुनाव के 10 दिन बाद निर्वाचन कर्मचारियों में से 270 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि इनमें से अधिकतर की मौत अत्यधिक थकान के कारण हुई बीमारियों से हुई है। यह थकान चुनावों के दौरान करोड़ों बैलेट पेपर हाथ से गिनने के लिए घंटों तक किए गए ‘ओवरवर्क’ के कारण हुई थी। इतना ही नहीं करीब 1,878 अन्य कर्मचारी अब भी बीमारी से जूझ रहे हैं।
इंडोनेशिया में 17 अप्रैल को पहली बार मतदाताओं ने चुनावी खर्च बचाने के लिए राष्ट्रीय और क्षेत्रीय संसदों के लिए एकसाथ अपना प्रेसीडेंशियल वोट दिया था। शांतिपूर्ण मतदान में कुल 26 करोड़ में से करीब 19.3 करोड़ मतदाताओं ने हिस्सेदारी की थी।
देश में 8 लाख से भी ज्यादा पोलिंग बूथों पर हर एक मतदाता को एक साथ कुल पांच बैलेट पेपर पर ठप्पा लगाना था। करीब 8 घंटा लंबा यह मतदान निर्वाचन कर्मचारियों के लिए जानलेवा साबित हुआ, जिन्हें ये सभी बैलेट पेपर अपने हाथ से गिनने पड़े।
आम चुनाव आयोग (केपीयू) के प्रवक्ता एरिफ प्रियो सुसांतो ने कहा कि इस लंबी प्रक्रिया में घंटों तक काम में जुटे रहने के कारण हुई थकान से पनपी बीमारियों के चलते शनिवार रात तक 272 निर्वाचन कर्मचारियों की मौत हो चुकी थी, जबकि 1878 अन्य बीमार थे।
सुसांतो ने आगे बताया कि वित्त मंत्रालय मृतक कर्मचारियों के परिजनों को मुआवजा देने की तैयारी में जुटा हुआ है।