दो दिन पूर्व मिस्र की स्वेज नहर में एक विशालकाय मालवाहक जहाज अब भी वहां फंसा होने से कई जहाज आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। इस बीच, जानकारी मिली है कि फंसे हुए जहाज को 25 भारतीय चला रहे हैं और उसे निकालकर जलमार्ग का यातायात फिर सुचारू करने के लिए कोशिशें तेज कर दी गई हैं।
एशिया और यूरोप के बीच माल लेकर जाने वाला, पनामा के ध्वज वाला जहाज मंगलवार को इस नहर में फंस गया था। जापानी कंपनी के मालिकाना हक वाले इस जहाज के फंसने से नहर में यातायात जाम हो गया जिससे दर्जनों छोटे जहाज भूमध्य और लाल सागरों में फंस गए हैं।
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फंसे हुए जहाज के जापानी मालिक शेइई किसेन कैशा ने बताया कि इसे चलाने वाला चालक दल भारत से आया है और इसके सभी सदस्य सुरक्षित हैं। इस जहाज पर मिस्र के दो विशेषज्ञ चालक भी पहुंचे हैं जो फंसे हुए जहाज को निकालने में मदद कर रहे हैं। क्रैशा ने पूरी घटना के लिए बयान जारी करके माफी मांगी है।
बता दें कि एवर गिवेन जहाज एशिया व यूरोप के बीच माल ढुलाई करता है। मंगलवार को यह स्वेज नहर के संकरे रास्ते में फंस गया था।
चीन और भारत के कई जहाज भी फंसे
स्वेज नहर में एवर गिवेन जहाज के फंसने के चलते यहां करीब 206 जहाज फंस गए हैं। इनमें 16 तेल टैंकर शामिल हैं जिसमें से ज्यादातर चीन और भारत जा रहे थे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह जहाज इस तरह से फंस गया है कि इसे निकालने में कई सप्ताह लग सकते हैं। करीब 400 मीटर लंबे इस जहाज ने स्वेज नहर के दोनों तरफ के रास्तों को ब्लॉक कर दिया है।
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अफ्रीका का चक्कर लगाकर आवाजाही
जाम से बचने के लिए फिलहाल कई देशों के जहाज अब अफ्रीका का चक्कर लगाते हुए आवाजाही कर रहे हैं। इससे सामानों के आने में एक सप्ताह का समय बढ़ गया है। फंसे जहाज के भारतीय चालक दल ने बताया है कि स्वेज नहर को पार करते समय आए हवा के एक तेज बवंडर के कारण उनका शिप घूम गया। जब उसे सीधा किया गया तो वह नहर की चौड़ाई में घूम गया जिससे पूरा यातायात बंद हो गया।