ओमान के तट के पास एक व्यापारी तेल टैंकर पर हुए मिसाइल हमले के बाद उस पर सवार 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया। यह सफल अभियान भारत और ओमान के बीच समुद्री बचाव सहयोग का एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने या हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
मसिराह तट के पास हुआ मिसाइल हमला
जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 2:20 बजे मुंबई स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (एमआरसीसी मुंबई) को सूचना मिली कि पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी मैरिवेक्स पर ओमान के मसिराह तट के पास मिसाइल हमला हुआ है। उस समय जहाज पर कुल 24 चालक दल के सदस्य मौजूद थे और सभी भारतीय नागरिक थे। यह सूचना जहाज पर मौजूद एक नाविक के परिजन द्वारा एमआरसीसी मुंबई को दी गई थी।
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एमआरसीसी मुंबई ने ओमान से तुरंत किया संपर्क
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एमआरसीसी मुंबई ने तुरंत ओमान के समुद्री खोज एवं बचाव केंद्र (ओेएमएससी) से संपर्क किया और जहाज तथा उसके चालक दल को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके बाद ओमान की एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। बचाव अभियान के तहत ओमान ने आसपास मौजूद एक जहाज को घटनास्थल की ओर भेजा और दो बचाव हेलीकॉप्टर भी तैनात किए। पूरे अभियान के दौरान एमआरसीसी मुंबई, ओएमएससी ओमान और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच लगातार संपर्क बना रहा ताकि चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ओमान के समुद्री बचाव केंद्र ने सफल रेस्क्यू की पुष्टि की
शाम करीब पांच बजे ओमान के समुद्री बचाव केंद्र ने पुष्टि की कि ओमान नौसेना के हेलीकॉप्टरों ने सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया और किसी भी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली। हमले का शिकार हुआ जहाज फिलहाल ओमान के मसिराह तट के पास लंगर डाले हुए है। इस घटना के बाद भारतीय तटरक्षक बल ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा की। तटरक्षक बल ने कहा कि एमआरसीसी मुंबई ने सूचना मिलते ही तुरंत ओमान की एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया, जिसके चलते सभी भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचाया जा सका। भारतीय तटरक्षक बल ने यह भी दोहराया कि वह हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अधिकारियों के अनुसार, यह सफल अभियान अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग की मजबूती को दर्शाता है। साथ ही यह भी साबित करता है कि समुद्र में आपात स्थिति आने पर भारत और उसके सहयोगी देश मिलकर तेजी और प्रभावी ढंग से राहत एवं बचाव कार्य कर सकते हैं।
हमले पर क्या बोला शिपिंग मंत्रालय?
सोमवार को ओमान के तट के पास 24 भारतीय नाविकों को ले जा रहे एक ऑयल टैंकर में आग लगने की खबर आई। यह घटना ऐसे समय में हुई जब इस्राइल और ईरान के बीच सीजफायर के बाद पहली बार बड़े पैमाने पर हमले हुए हैं। मामले में भारत के बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि मेडागास्कर के झंडे वाले जहाज MT मैरिवेक्स में दोपहर करीब 1:30 बजे (IST) आग लगने की सूचना मिली। उन्होंने आग लगने के कारण पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन बताया कि जहाज पर 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। उन्होंने कहा कि टैंकर खाली था और होर्मुज जलडमरूमध्य से काफी दूर था; यह एक अहम शिपिंग रूट है जो क्षेत्रीय तनाव से प्रभावित रहा है। उन्होंने कहा, 'यह शुरुआती जानकारी है जो हमें मिली है... उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं'। 'हम उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, विदेशों में हमारे मिशन, भारतीय नौसेना और रक्षा मंत्रालय के साथ तालमेल बिठा रहे हैं'। शिप-ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि जहाज मस्कट के दक्षिण में लंगर डाले हुए था।
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मस्कट में भारतीय दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'मिशन को भारतीय नाविकों वाले जहाज से जुड़ी घटना की जानकारी है। हम उनके बचाव और सुरक्षा के लिए ओमान के अधिकारियों के संपर्क में हैं'। दूतावास ने कहा, 'हम ओमान के अधिकारियों के त्वरित कदम और MT मैरिवेक्स पर सवार भारतीय मूल के सभी 24 क्रू सदस्यों को बचाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके आभारी हैं'।मुंबई स्थित एमआरसीसी हिंद महासागर के एक बड़े खोज एवं बचाव क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालता है और क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर समुद्र में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम करता है। भारतीय तटरक्षक बल ने कहा कि वह आगे भी समुद्री सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नाविकों की सुरक्षा के लिए इसी तरह सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।