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Earth Surface Temperature: 2022 पांचवां सबसे गर्म साल दर्ज किया गया, नासा की रिपोर्ट में किया गया दावा

Tue, 17 Jan 2023 06:50 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में वैश्विक ताप 1.6 डिग्री फारेनहाइट या 0.89 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह नासा के आधार अवधि (1951 से 1980) के औसत ताप से अधिक है। नासा के न्यूयॉर्क स्थित जीआईएसएस के वैज्ञानिकों ने यह जानकारी दी।
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हीट वेव - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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धरती की सतह का औसत तापमान 2022 में 2015 के तापमान के बराबर हो गया। 2022 को अब तक के पांचवें सबसे गर्म साल के रूप में दर्ज किया गया है। यह दावा नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) के एक विश्लेषक ने किया है।
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2022 में वैश्विक ताप 0.89 डिग्री सेल्सियस
रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में वैश्विक ताप 1.6 डिग्री फारेनहाइट या 0.89 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह नासा के आधार अवधि (1951 से 1980) के औसत ताप से अधिक है। नासा के न्यूयॉर्क स्थित गोड्डार्ड इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस स्ट्डीज (जीआईएसएस) के वैज्ञानिकों ने यह जानकारी दी।
 

जंगल में आग लगने की घटनाएं बढ़ीं
नासा के प्रशासक बिन नेल्सन ने कहा कि यह एक चेतावनी है। हमारी गर्म होती जलवायु पहले से खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। जंगल में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं। समुद्री तूफान और अधिक ताकतवर हो गए हैं। सूखे से तबाही और समुद्र का जल स्तर भी बढ़ रहा है।
 

पिछले नौ साल सबसे अधिक गर्म
अध्ययन के मुताबिक, 1880 में आधुनिक रिकॉर्ड दर्ज करने की शुरुआत होने के बाद के सालों में पिछले नौ साल सबसे अधिक गर्म साल रहे। इसका मतलब है कि धरती का ताप वर्ष 2022 में 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध के औसत ताप के मुकाबले करीब दो डिग्री फॉरेनहाइट या करीब 1.11 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
 
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2022 में कार्बन डाईऑक्साइड की मात्रा सर्वाधिक
जीआईएसएस के निदेशक गेविन श्मिट ने कहा कि ताप में बढ़ोतरी के रुख का कारण मानवीय गतविधियां हैं। इसके कारण बड़ी मात्रा में ग्रीन हाऊस गैसों का वायुमंडल में पहुंचना जारी है। 2020 में कोरोना महामारी के दौरान मानवीय गतिविधियों से संबंधित ग्रीन हाऊस गैसों के उत्सर्जन में थोड़े समय के लिए कमी आई थी, लेकिन अब यह फिर वही स्थिति हो गई है। अध्ययन में कहा गया है कि हाल ही में नासा के वैज्ञानिकों समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों ने वर्ष 2022 में कार्बन डाईऑक्साइड की मात्रा सर्वाधिक दर्ज की थी।
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