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रियो-पेरिस दुर्घटना: फ्रांस की अदालत ने एयर फ्रांस-एयरबस को किया बरी,13 साल बाद अक्तूबर में शुरु हुआ था ट्रायल

Mon, 17 Apr 2023 06:56 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस

सार

ट्रॉयल के दौरान फ्रांस की दो विमानन कंपनियों पर अनैच्छिक हत्या का आरोप लगाया गया था। जिनका उन्होंने खंडन किया था। दोनों कंपनियों ने कहा था कि उन पर फौजदारी मामला नहीं बनता है। एयर फ्रांस पहले ही दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवारों को मुआवजा दे चुकी है।
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कोर्ट का फैसला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एयरबस और एयर फ्रांस को 2009 में रियो-पेरिस फ्लाइट 447 के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में हत्या के आरोपों से बरी कर दिया गया है। पेरिस की एक अदालत ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। फ्रांस के इतिहास की सबसे बड़ी विमानन आपदा के लिए जिम्मेदारी तय करने के लिए अक्तूबर से ही फ्रांस की इन दोनों कंपनियों के खिलाफ ट्रॉयल शुरू हुआ था।  साल 2009 में हुई दुर्घटना में 228 लोग मारे गए थे। 

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अदालत ने सुनाया फैसला
मामले में फैसला सुनाते हुए पेरिस की अदालत ने कहा कि कंपनियों से गलतियां हुई हैं, बावजूद इसके पूरी दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं। बता दें कि बीते साल अक्तूबर में, इस दुर्घटना के संदर्भ में 13 साल बाद ट्रॉयल शुरू हुआ था।  

लगे थे यह आरोप
ट्रॉयल के दौरान फ्रांस की दो विमानन कंपनियों पर अनैच्छिक हत्या का आरोप लगाया गया था। जिनका उन्होंने खंडन किया था। दोनों कंपनियों ने कहा था कि उन पर फौजदारी मामला नहीं बनता है। एयर फ्रांस पहले ही दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवारों को मुआवजा दे चुकी है। एएफपी के मुताबिक, दिसंबर में आठ सप्ताह तक सुनवाई के बाद अदालत ने कहा था कि एयर फ्रांस और एयरबस को इस मामले में दोषी ठहराना संभव नहीं होगा। इस टिप्पणी के बाद दुर्घटना के पीड़ितों ने अपना विरोध भी दर्ज कराया था। 
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2009 में रडार से गायब हो गया था विमान
जानकारी के मुताबिक, रियो-पेरिस फ्लाइट 447 1 जून 2009 को अटलांटिक महासागर के ऊपर एक तूफान में रडार से गायब हो गया था। विमान में 216 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य सवार थे। इस विमान और उसके ब्लैक बॉक्स रिकॉर्डर को खोजने में दो साल लग गए। इस दुर्घटना के बाद हवाई सुरक्षा नियमों में व्यापक बदलाव किए गए।

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