फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ukraine Mariupol Crisis: मारियुपोल में 12 दिनों में 1582 नागरिकों की मौत, सामूहिक रूप से दफन किए जा रहे शव

Sun, 13 Mar 2022 04:36 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रूस के यूक्रेन पर हमले के चलते यहां के मारियुपोल शर में फंसे लोगों को बिजली और पानी की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है और उन्हें निकालने के लिए मानवीय कॉरिडोर के एलान तो किए जा रहे हैं लेकिन इनका कोई खास परिणाम देखने को नहीं मिला है। दोनों ही देश एक दूसरे पर युद्ध विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाते रहे हैं।
विज्ञापन
मारियुपोल में भयावह हो गए हैं हालात - फोटो : twitter/PromoteUkraine
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूक्रेन में मानवीय स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और मारियुपोल में तो तबाही जैसे हालात हैं। युद्ध की शुरुआत होने के बाद से रूस के हमलों में 1500 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। यहां की एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है। इस तस्वीर में सामूहिक रूप से कब्रों में दफन किए जा रहे नागरिकों के शव दिखाई दे रहे हैं। 

विज्ञापन


यूक्रेन के एक सामाजिक कार्यकर्ता वोलोदिमिर बिकोव्स्की कहते हैं कि मैं केवल इतना चाहता हूं कि यह सब समाप्त हो जाए। मैं नहीं जानता की कौन सही है और होन दोषी है। मैं नहीं जानता कि यह युद्ध किसने शुरू किया, लेकिन इसे खत्म होना चाहिए। बिकोव्स्की शवों को दफनाने में स्थानीय अधिकारियों की मदद कर रहे हैं। 

रूस के हमले का सामना कर रहे यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने ट्विटर पर यह तस्वीर पोस्ट करने हुए लिखा कि मारियुपोल हमारे गृह का अब तक की सबसे खराब मानवीय तबाही का सामना कर रहा है। यहां पिछले 12 दिनों में 1582 नागरिकों की मौत हो चुकी है, इन्हें इस तरह सामूहिक रूप से दफन किया जा रहा है। 
विज्ञापन




कुलेबा ने आगे लिखा कि यूक्रेन की सेना को हराने में असफल रहने पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आम नागरिकों पर बम बरसा रहे हैं, मानवीय सहायता को रोक रहे हैं। हमें रूस के युद्ध अपराधों को रोकने के लिए विमानों की आवश्यकता है। बता दें कि मारियुपोल में बिजली और पानी की आपूर्ति कट चुकी है। रूसी हमलों में इमारतें, अस्पताल, घर तबाह हो चुके हैं।

रूस के राष्ट्रीय रक्षा नियंत्रण केंद्र के प्रमुख मिखाइल मिजिंत्सेव का कहना है कि दुर्भाग्य से यूक्रेन में मानवीय स्थिति तेजी से बिगड़ती जा रही है। कुछ शहरों में यह भयावह अनुपात तक पहुंच गई है। बता दें कि रूस ने यूक्रेन पर हमले की शुरुआत 24 फरवरी को की थी। 

इस युद्ध के चलते भीषण शरणार्थी संकट खड़ा हो गया है और सैकड़ों आम नागरिकों की जान जा चुकी है। उधर, यूक्रेन का दावा है कि अब तक इस युद्ध में रूस के 12,000 से अधिक सैनिक मारे जा चुके हैं। रूस के इस अकारण हमले का पश्चिमी देशों ने सख्त विरोध किया है और रूस के खिलाफ ऐतिहासिक रूस से सख्त प्रतिबंध लगाए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें